इनफर्टिलिटी की समस्या
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इनफर्टिलिटी की बढ़ती समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, देर से शादी करना, करियर को प्राथमिकता, पीसीओएस और एंडोमेट्रियोसिस जैसी स्थितियों ने महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित किया है। इसी तरह पुरुषों में शुक्राणुओं की गुणवत्ता में गिरावट, मोटापा, तनाव के साथ धूम्रपान-शराब जैसी आदतों ने प्राकृतिक गर्भधारण को कठिन बना दिया है। ऐसे लोगों के लिए आईवीएफ वरदान साबित हो रहा है।
विशेषज्ञ कहते हैं, आईवीएफ जितनी तेजी से लोकप्रिय हुई है, उतनी ही तेजी से इसके बारे में कई तरह के मिथक भी फैल गए हैं। आइए इससे जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब जान लेते हैं।