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Periods Pain: पीरियड्स के दौरान दर्द से हो जाती हैं परेशान, क्या चाय पीने से मिलता है आराम?

Sat, 04 Jul 2026 04:26 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव वसुंधरा वाथम, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हर्बल चाय की सबसे बड़ी खासियत ही यह है कि इसमें मौजूद हर जड़ी-बूटी और मसाले का अपना एक विशिष्ट औषधीय गुण होता है। आप जो भी सामग्री इसमें मिला रहे हैं, वे सब मिलकर इसे सेहत का खजाना बनाते हैं और पीरियड के दर्द को कम करने में मदद करती हैं।
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पीरियड्स की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
मासिक धर्म के दौरान होने वाला दर्द, ऐंठन, कमर दर्द और थकान कई महिलाओं के लिए बड़ी समस्या बन जाता है। ऐसे में आप दर्द निवारक दवाओं का सहारा ले लेती हैं, जो सही नहीं है। लेकिन आपको बता दें कि कुछ प्राकृतिक उपाय इस स्थिति में शरीर को आराम देने में मदद कर सकते हैं।

हर्बल टी इन्हीं आसान और असरदार विकल्पों में से एक मानी जाती है। अदरक, दालचीनी, सौंफ और कैमोमाइल जैसी जड़ी-बूटियों से तैयार यह चाय शरीर को उस स्थिति में गर्माहट देने के साथ मांसपेशियों को आराम पहुंचाती है।
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हर्बल टी से मिलते हैं कई फायदे - फोटो : Freepik.com
कब सेवन करना सबसे लाभकारी है?

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर हर महीने पीरियड्स नियमित रूप से आते हैं, तो मासिक धर्म शुरू होने से 2-3 दिन पहले दिन में एक कप हर्बल चाय पीना शुरू किया जा सकता है।
 
  • पीरियड्स के पहले दो दिनों में, जब दर्द और ऐंठन अधिक होती है, तब दिन में 1-2 कप सेवन करना सुरक्षित रहता है।
  • हालांकि आपको इस बात को समझना और ध्यान में रखना होगा कि बहुत अधिक मात्रा में किसी भी हर्बल चाय का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • यदि आप गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं या किसी दवा का नियमित सेवन कर रही हैं, तो इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहेगा।
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हर्बल टी के कई सारे फायदे - फोटो : Freepik.com
इसमें क्या-क्या चीजें बेहद लाभकारी

हर्बल चाय की सबसे बड़ी खासियत ही यह है कि इसमें मौजूद हर जड़ी-बूटी और मसाले का अपना एक विशिष्ट औषधीय गुण होता है। आप जो भी सामग्री इसमें मिला रहे हैं, वे सब मिलकर इसे सेहत का खजाना बनाते हैं और पीरियड के दर्द को कम करने में मदद करती हैं।
 
  • अदरक: शरीर में सूजन कम करने और मतली की समस्या में राहत देने में सहायक माना जाता है।
  • सौंफ: पेट की ऐंठन और गैस की परेशानी को कम करने में मदद करती है।
  • दालचीनी: रक्त संचार को बेहतर बनाने और मांसपेशियों को आराम देने में उपयोगी मानी जाती है।
  • कैमोमाइल: तनाव कम करने और बेहतर नींद में मदद कर सकती है, जिससे दर्द का अनुभव कुछ कम महसूस हो सकता है।
  • तुलसी: एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होती है और शरीर को रिलैक्स महसूस कराने में सहायक मानी जाती है।


ऐसे करें हर्बल चाय तैयार

पीरियड्स के दौरान राहत देने वाली इस हर्बल चाय को बनाना बेहद आसान है। इसके लिए सबसे पहले आप एक कप पानी को उबालें और उसमें आधा इंच कद्दूकस किया हुआ अदरक, आधा चम्मच सौंफ, एक छोटा दालचीनी का टुकड़ा और 2-3 कैमोमाइल या तुलसी की पत्तियां डालें।
 
  • इसे आप 5-7 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें। अब गैस बंद कर दें और इसे छानकर इसमें स्वाद के लिए एक चम्मच शहद और कुछ बूंदें नींबू का रस मिलाएं।
  • अब इसे आप हल्के गर्म अवस्था में ही थोड़ा-थोड़ा करके पी लें। इससे शरीर के साथ ही आपकी मांसपेशियों को भी आराम मिलेगा।
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हर्बल चाय से पीरियड्स में मिलता है आराम - फोटो : Freepik.com
कई अन्य विकल्प भी

हर्बल चाय के अलावा पेपरमिंट टी भी पेट की ऐंठन में आराम देने में मदद कर सकती है। रास्पबेरी लीफ टी का उपयोग भी मासिक धर्म के दौरान किया जा सकता है।
 
  • इसके अलावा हल्दी वाला दूध, गुनगुना पानी, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन और मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ जैसे केला, कद्दू के बीज और बादाम भी शरीर को इस दौरान आराम देने में मदद करते हैं।
  • गर्म पानी की सिकाई, हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग और पर्याप्त नींद भी पीरियड्स के दर्द को कम करने में उपयोगी उपाय माने जाते हैं।
  • यदि दर्द बहुत अधिक हो, हर महीने सामान्य गतिविधियों में बाधा डालता हो या अत्यधिक रक्तस्राव के साथ हो, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें और स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच जरूर कराएं।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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