प्रतीकात्मक तस्वीर
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हालांकि, सरकारों द्वारा कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए कई कदम भी उठाए गए हैं, जिनमें मिड-डे मील, ई-पोषण व्यवस्था, राष्ट्रीय पोषण मिशन, मनरेगा, समेकित बाल विकास सेवाएं आदि शामिल हैं। लेकिन बावजूद इसके भी स्थिति बेहतर होती नजर नहीं आती है। लेकिन ऐसा हम नहीं बल्कि आंकड़े बताते हैं। कुपोषण की वजह से जहां मौतें तक होती हैं, तो वहीं देश के विकास कार्यों में भी कई तरह की रुकावटें आती हैं। ऐसे में सरकार ही नहीं लोगों को भी अपने-अपने स्तर पर इस पर काम करना चाहिए, ताकि हम जल्द से जल्द इस समस्या से निजात पा सके। हमें अपने खाने में पोषण तत्वों का बेहद ख्याल भी रखना चाहिए, ताकि हम कुपोषण का शिकार न हो सके।