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जानना जरूरी: क्या आप भी मोबाइल से थोड़े समय के लिए भी नहीं रह पाते हैं दूर? कहीं आपको 'नोमोफोबिया' तो नहीं

Sat, 27 Apr 2024 12:34 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मोबाइल फोन से दूरी - फोटो : istock
मोबाइल फोन्स हम सभी के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। फोन कॉल्स से लेकर पेमेंट तक के लिए हम सभी मोबाइल फोन्स से जुड़े रहते हैं। पर कहीं आप मोबाइल पर इतने निर्भर तो नहीं हो गए हैं कि थोड़ी देर के लिए भी इससे दूर नहीं रह पाते हैं? मोबाइल फोन कनेक्टिविटी न होने पर एंग्जाइटी होने लगती है? अगर हां तो सावधान हो जाइए ये नोमोफोबिया नामक समस्या का संकेत हो सकता है।

नोमोफोबिया को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी विकार के रूप में जाना जाता है। नोमोफोबिया- नो मोबाइल फोन फोबिया तब होता है जब कोई व्यक्ति मोबाइल फोन कनेक्टिविटी न होने के कारण डर या चिंता का अनुभव होने लगता है। इसमें उत्तेजना होने, सांस लेने में बदलाव और अन्य लक्षण भी हो सकते हैं। नोमोफोबिया की स्थिति आपके सोचने-समझने, परिस्थितियों को डील करने के तरीके भी प्रभावित करने वाली स्थिति मानी जाती है।
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स्ट्रेस की समस्या - फोटो : istock
नो मोबाइल फोन फोबिया की समस्या

मोबाइल फोन्स से जुड़े रहना हम सभी की जरूरत बन गई है लेकिन इससे कुछ समय के लिए भी दूर रहने पर भी यदि आप परेशान हो जाते हैं तो आपको सावधान हो जाने की आवश्यकता है। जर्नल ऑफ फैमिली मेडिसिन एंड प्राइमरी केयर में साल 2019 के एक लेख में उल्लेख किया गया कि नोमोफोबिया के पहले किसी व्यक्ति में कई संभावित मनोवैज्ञानिक स्थितियां जैसे चिंता और तनाव जैसे लक्षण हो सकते हैं। शोधकर्ताओं ने बताया कि स्मार्टफोन्स आने के बाद से ये दिक्कत काफी बढ़ गई है? 
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मोबाइल फोन से लगे रहने की आदत - फोटो : istock
कैसे जानें कहीं आपको भी तो नहीं है ये विकार?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं चिंता-तनाव के अलावा नोमोफोबिया के कारण और भी कई प्रकार की दिक्कतें होने लगती हैं जिसपर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। फोन से थोड़े समय की दूरी के कारण भी शरीर में कंपन, पसीना आने, घबराहट की दिक्कत होने लगती है। कुछ स्थितियों में टैकीकार्डिया- दिल के धड़कनों में अनियमितता की समस्या भी हो सकती है। नोमोफोबिया की समस्या को भी कमोबेश उसी तरह का माना जा सकता है जैसे ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी) रोगियों में देखी जाती रही है।

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तनाव की स्थिति - फोटो : Pexel
क्या है इस फोबिया का कारण?

मोबाइल फोन्स से दूरी में होने वाली घबराहट-चिंता की स्थिति क्यों होती है, इसके कारणों को समझने के कई अध्ययन किए गए। साल 2020 में अध्ययनों की समीक्षा में वैज्ञानिकों की टीम ने इसके कुछ संभावित कारणों के बारे में बताया। विशेषज्ञ कहते हैं, स्मार्टफोन से संबंधित कंपल्शन इस विकार को जन्म देने वाला एक कारण हो सकता है। इसके अलावा इंटरपर्सनल सेंसटिबिटी जिसमें व्यक्ति अन्य विचारों को दूसरों से साझा नहीं कर पाता है।
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मनोचिकित्सक से लें सलाह - फोटो : istock
नोमोफोबिया के लक्षण दिखें तो क्या करें?

चूंकि नोमोफोबिया आधिकारिक तौर पर कोई मानसिक विकार नहीं है इसलिए वर्तमान में इसका कोई उपचार भी मौजूद नहीं है। हालांकि कुछ प्रकार के थेरेपी और काउंसिलिंग की मदद से फोबिया को दूर करने और लक्षणों में सुधार करने में मदद मिल सकती है। अगर किसी व्यक्ति में इस विकार के लक्षण दिखें तो उसे मनोचिकित्सक के पास ले जाएं। कॉग्नेटिव बिहेवियरल थेरेपी जैसे उपायों की मदद से लक्षणों में सुधार किया जा सकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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