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Health Tips: क्या होता है इमोशनल इंटेलिजेंस? जानें कैसे यह मानसिक तनाव को कम करने में करता है मदद

Thu, 07 Aug 2025 08:52 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Benefits of Emotional Intelligence: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बहुत से लोग मानसिक तनाव जैसी समस्या परेशान रहते है। आइए इस लेख में जानते हैं कि इमोशनल इंटेलिजेंस की मदद से कैसे इस समस्या से निपटा जा सकता है।
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इमोशनल इंटेलिजेंस - फोटो : Adobe Stock
Emotional Intelligence to Reduce Mental Stress: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, मानसिक तनाव एक आम समस्या बन चुकी है। काम का दबाव, रिश्तों की चुनौतियां और अनिश्चितता का माहौल अक्सर हमें मानसिक रूप से थका देता है। इस स्थिति से निपटने के लिए हम अक्सर बाहरी समाधान खोजते हैं, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि इसका सबसे प्रभावी समाधान हमारे भीतर ही है। इसे इमोशनल इंटेलिजेंस कहा जाता है।

इमोशनल इंटेलिजेंस का मतलब सिर्फ यह नहीं है कि हम बहुत भावुक हों, बल्कि यह अपनी और दूसरों की भावनाओं को समझने, उन्हें नियंत्रित करने और उनका सही इस्तेमाल करने की क्षमता है। यह एक ऐसा कौशल है जिसे विकसित करके हम न केवल तनाव को कम कर सकते हैं, बल्कि अपने जीवन को अधिक संतुलित और खुशहाल बना सकते हैं।
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परीक्षा को लेकर तनाव और अंकों का दबाव (प्रतीकात्मक) - फोटो : Freepik
इमोशनल इंटेलिजेंस क्या है?
इमोशनल इंटेलिजेंस को मोटे तौर पर चार मुख्य भागों में बांटा जा सकता है। पहला है आत्म-जागरूकता, यानी अपनी भावनाओं, कमजोरियों और ताकत को समझना। दूसरा है आत्म-नियमन, यानी अपनी भावनाओं को नियंत्रित करना और उन्हें सही तरीके से व्यक्त करना।

तीसरा है सामाजिक जागरूकता, यानी दूसरों की भावनाओं और उनके दृष्टिकोण को समझना। और चौथा है संबंध प्रबंधन, यानी इन सभी क्षमताओं का उपयोग करके दूसरों के साथ बेहतर और प्रभावी संबंध बनाना। यह बुद्धि, तर्क और भावनाओं का एक अनूठा संयोजन है जो हमें जीवन की जटिलताओं को बेहतर ढंग से संभालने में मदद करता है।
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Exam Stress Management - फोटो : Freepik
तनाव को कम करने में आत्म-जागरूकता की भूमिका
मानसिक तनाव को कम करने में इमोशनल इंटेलिजेंस की शुरुआत आत्म-जागरूकता से हो सकती है। जब आप अपनी भावनाओं को पहचानना शुरू कर देते हैं, तो आप यह भी जान पाते हैं कि आपको किन चीजों से तनाव होता है।

उदाहरण के लिए, क्या किसी खास तरह की बातचीत या काम से आपको गुस्सा आता है? जब आप इन ट्रिगर्स को पहचान लेते हैं, तो आप उस स्थिति को बेहतर ढंग से संभाल सकते हैं। आप तनाव को बढ़ने से पहले ही रोक सकते हैं, जैसे कि गहरी सांस लेकर, थोड़ी देर के लिए ब्रेक लेकर या उस स्थिति से खुद को दूर करके। यह अभ्यास तनाव के चक्र को तोड़ने में मदद करता है।

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दफ्तर - फोटो : Adobe Stock
आत्म-नियमन और बेहतर संबंध
इमोशनल इंटेलिजेंस का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू आत्म-नियमन और संबंध प्रबंधन है। जब आप अपनी भावनाओं को नियंत्रित करना सीख लेते हैं, तो आप तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी शांत रह सकते हैं। गुस्से में प्रतिक्रिया करने के बजाय, आप सोच-समझकर जवाब दे सकते हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ती नहीं है।

इसके अलावा, दूसरों की भावनाओं को समझने की क्षमता हमें उनके साथ सहानुभूति रखने और बेहतर संवाद स्थापित करने में मदद करती है। मजबूत और स्वस्थ रिश्ते तनाव के खिलाफ एक ढाल का काम करते हैं। जब हमारे पास एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम होता है, तो हम तनाव का सामना अधिक प्रभावी ढंग से कर पाते हैं।

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तनाव - फोटो : Freepik.com
क्या करें?
इमोशनल इंटेलिजेंस एक ऐसा कौशल है जो हमें अपने मानसिक तनाव को कम करने, रिश्तों को सुधारने और जीवन में अधिक सफल होने में मदद करता है। यह हमें यह सिखाता है कि भावनाओं को दबाने के बजाय उन्हें समझना और उनका प्रबंधन करना कितना जरूरी है।

इस कौशल को विकसित करने के लिए आप कुछ आसान अभ्यास कर सकते हैं, जैसे कि अपनी भावनाओं पर ध्यान देना, दूसरों की बात को ध्यान से सुनना और किसी भी प्रतिक्रिया से पहले कुछ पल रुककर सोचना। इस तरह आप न केवल मानसिक तनाव को कम कर पाएंगे, बल्कि एक खुशहाल और संतुलित जीवन जी पाएंगे।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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