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क्या हो चुकी है कोरोना के अंत की शुरुआत? इन 11 देशों में लगाया जा रहा टीका

Sat, 26 Dec 2020 02:40 PM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस महामारी ने पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले रखा है। विश्व में अब तक इस महामारी ने लगभग 17 लाख से ज्यादा लोगों की जान ले ली है। वहीं, बात अगर भारत की करें तो यहां संक्रमितों की संख्या एक करोड़ को पार कर चुकी है, जिसमें से 97 लाख से ज्यादा लोगों ने इस वायरस को मात दे दी है। जबकि देश में मौजूदा समय में नए मामलों की तुलना में ठीक होकर घर लौटने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा है। वहीं, विश्व के 11 देशों में प्राथमिकता समूहों को कोरोना वायरस का टीका दिया जाने लगा है। ऐसे में क्या अब कोरोना वायरस के अंत की शुरुआत हो चुकी है?
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
वैक्सीन आने की उम्मीदों के साथ इस बात की उम्मीद भी की जा रही है कि अब कोरोना वायरस के अंत की शुरुआत हो चुकी है। अमेरिका-जर्मनी कंपनी फाइजर बायोएनटेक की बनाई गई वैक्सीन का उपयोग विश्व में सबसे ज्यादा किया जा रहा है। वहीं, चीन में छह कंपनियों के प्रयोगिक टीके से कई राज्यों की काफी बड़ी आबादी को पहले ही टीका मिल चुका है। दूसरी तरफ चीन 18 दिसंबर को इस बात का ऐलान कर चुका है कि वो जोखिम वाले ग्रुप में शामिल पांच करोड़ लोगों को टीका लगाएगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
दूसरी तरफ ब्रिटेन टीकाकरण शुरू करने वाला यूरोप का पहला देश बन चुका है। यहां टीकाकरण देने की प्रक्रिया की शुरुआत सात दिसंबर को शुरु हुई। ब्रिटेन में अब तक फाइजर वैक्सीन के टीके को छह लाख लोगों को लगाया जा चुका है। जबकि फाइजर वैक्सीन के टीके अमेरिका में 14 दिसंबर से लगाए जा रहे हैं और इसके बाद मॉडर्ना के टीके को भी आपातकालीन मंजूरी दे दी गई। यहां पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मी और उसके बाद 75 साल के ज्यादा आयु वाले लोगों को टीका दिया जा रहा है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
वहीं, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दिसंबर महीने की शुरुआत में ही इस बात का ऐलान किया था कि वो अब टीकाकरण शुरू करने जा रहे हैं। रूस की बनी स्वदेशी वैक्सीन स्पुतनिक-वी का टीका शिक्षकों, डॉक्टर्स और सोशल वर्कर्स को दिया जा रहा है। इजराइल में भी 20 दिसंबर को स्वास्थ्य कर्मियों, सैनिकों समेत वहां के तत्कालीन प्रधानमंत्री नेतन्याहू को भी कोरोना वैक्सीन दी गई। इसके ठीक एक दिन बाद बायोएनटेक फाइजर का टीका 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को दिया गया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
इनके अलावा कनाडा, स्विट्जरलैंड, बहरीन, मैक्सिको, कोस्टारिका, चिली में कोरोना वैक्सीन देने की शुरुआत हो गई है। वहीं, अर्जेंटीना, आयरलैंड और मोरक्को जैसे देश भी जल्दी टीकाकरण की प्रक्रिया को शुरू करने जा रहे हैं। ब्राजील की सरकार भी संकेत दे चुकी है कि वो अगले साल फरवरी महीने में वैक्सीन देने का काम शुरू करेगी। इसके अलावा सबकी नजरें भारत की तरफ भी लगी हुई हैं। भारत सरकार नए साल के पहले महीने जनवरी में ही देश के लोगों को वैक्सीन लगाने का काम शुरू कर सकती है।
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