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Health Tips: 'पॉश्चर' खराब होने से क्या होता है? जानें गलत बैठने और चलने से होने वाली 3 गंभीर शारीरिक समस्याएं

Tue, 24 Jun 2025 11:12 AM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अक्सर लोग अपने ऑफिस या वर्कप्लेस पर गलत पॉश्चर (मुद्रा) में बैठकर काम करते हैं। बहुत से लोगों को लगता है कि इससे सिर्फ उनका अपियरेंस (दिखावट) प्रभावित होगा, लेकिन ये कई गंभीर बीमारियों का कारण भी हो सकता है। आइए, इस लेख में हम इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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खराब पॉश्चर - फोटो : Adobe Stock
Bad Posture Problems: आज की आधुनिक जीवनशैली में, जहां घंटों कंप्यूटर या स्मार्टफोन के सामने गर्दन झुकाकर स्क्रीन पर लंबे समय तक देखने का चलन बढ़ गया है। ऐसे में 'पॉश्चर' यानी हमारे शरीर की मुद्रा का बिगड़ना एक आम समस्या बन गई है। अधिकतर लोग इसे सिर्फ सौंदर्य या आत्मविश्वास से जोड़कर देखते हैं, लेकिन सच तो यह है कि गलत पॉश्चर सिर्फ आपकी चाल या बैठने के तरीके को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि यह कई गंभीर शारीरिक समस्याओं को जन्म दे सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक गलत मुद्रा में बैठना, खड़े होने या चलने से हमारे मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे न केवल लगातार मांसपेशियों में दर्द होता है, बल्कि अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी पैदा होती हैं। यह स्थिति धीरे-धीरे रीढ़ की हड्डी की प्राकृतिक संरचना को भी बदल सकती है। इसलिए यह समझना बेहद जरूरी है कि हमारा पॉश्चर हमारे समग्र स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है और कौन-सी गंभीर समस्याएं इससे जुड़ी हुई हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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खराब पॉश्चर - फोटो : Adobe Stock
पीठ और गर्दन में दर्द
लंबे समय तक झुककर बैठना जैसे लैपटॉप या फोन का उपयोग करने से रीढ़ और गर्दन पर दबाव डालता है। इससे लोअर बैक पेन, सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस और मांसपेशियों में तनाव होता है। जर्नल ऑफ फिजिकल थेरेपी साइंस के अनुसार, ज्यादातर लोग गलत पॉश्चर के कारण पीठ दर्द से पीड़ित हैं। इसलिए हर 30 मिनट में सीधे बैठें और स्ट्रेच करें। कुर्सी पर रीढ़ को सहारा देने वाला तकिया रखें। गर्दन को सीधा रखकर स्क्रीन को आंखों के लेवल पर सेट करें।

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खराब पॉश्चर - फोटो : Adobe Stock
रीढ़ की हड्डी में विकृति
गलत पॉश्चर, जैसे कूबड़ निकलना (Kyphosis) या रीढ़ का टेढ़ापन (Scoliosis), हड्डियों और जोड़ों की संरचना को नुकसान पहुंचाता है। यह विशेष रूप से बच्चों और किशोरों में ज्यादा देखा जाता है, जो लंबे समय तक झुककर पढ़ते या गेम खेलते हैं। इससे बचने के लिए योग और पिलाटे जैसे व्यायाम रीढ़ को मजबूत करते हैं। तैराकी या बैक स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज करें। बच्चों को सही पॉश्चर की आदत डालें।

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पाचन संबंधी समस्या - फोटो : Adobe stock
पाचन और श्वसन समस्याएं
झुककर बैठने से फेफड़े और पेट पर दबाव पड़ता है, जिससे सांस लेने में तकलीफ और पाचन संबंधी समस्याएं, जैसे एसिड रिफ्लक्स या कब्ज, हो सकती हैं। गलत पॉश्चर फेफड़ों की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। इसलिए सीधे बैठें ताकि फेफड़े पूरी तरह खुल सकें। खाने के बाद 10 मिनट टहलें। गहरी सांस लेने की प्रैक्टिस करें।

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खराब पॉश्चर - फोटो : Adobe Stock
बचाव के उपाय  
खराब पॉश्चर से बचना चाहते हैं? कुछ आसान उपाय आपकी मदद कर सकते हैं! ऑफिस में एर्गोनॉमिक कुर्सी और डेस्क चुनें, और स्क्रीन को आंखों के लेवल पर रखें ताकि आपकी रीढ़ पर जोर न पड़े। रोजाना 20-30 मिनट स्ट्रेचिंग करें या कैट-काउ और चाइल्ड पोज जैसे योग आसनों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, ये आपके पॉश्चर को दुरुस्त रखेंगे। हर घंटे चेक करें कि आप कैसे बैठे या खड़े हो रहे हैं। ऑफिस में काम करते समय कंधों को पीछे रखें और रीढ़ को सीधी रखें। अगर दर्द या तकलीफ बार-बार हो, तो बिना देर किए फिजियोथेरेपिस्ट से मिलें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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