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Fact Check: क्या एक्सपायर होने के बाद जहर बन जाती है दवा? गलती से एक्सपायरी डेट के बाद खा ली तो क्या होगा

Mon, 30 Mar 2026 05:09 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हर दवा की एक तय एक्सपायरी डेट होती है, जो यह बताती है कि उस तारीख तक दवा अपनी पूरी प्रभावशीलता, सुरक्षा और गुणवत्ता  बनाए रखेगी। अगर दवा एक्सपायर हो गई हो तो इसे खाने से क्या दिक्कतें हो सकती हैं?
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एक्सपायर दवा ले ली तो क्या होगा? - फोटो : Amarujala.com
दवाएं जीवनरक्षक होती हैं, ये आपको गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में मदद करती हैं। पर इनका लाभ तभी लिया जा सकता है जब दवा सही समय पर, सही डोज में और जांच-परख कर खाई जाए।

हम सभी डिब्बाबंद सामान, दूध और रोजाना की जरूरत की चीजों के 'यूज-बाय डेट' (इस्तेमाल की आखिरी तारीख) पर बहुत ध्यान देते हैं। तय समय सीमा के बाद ये चीजें खराब हो जाती हैं। दवाओं की भी एक्सपायरी डेट होती है। ऐसे में सवाल ये है कि एक्सपायरी डेट के बाद अगर दवा खा ली तो इसका सेहत पर क्या असर होता है? क्या इससे शरीर में जहर फैल जाता है?

अक्सर लोगों के मन में ये डर होता है कि अगर अनजाने में किसी ने एक्सपायर दवा ले ली है तो क्या इससे जान जा सकती है? आइए इसकी सच्चाई जान लेते हैं।
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दवा की एक्सपायरी का रखें ध्यान - फोटो : Adobe Stock
दवा की मियाद का ध्यान रखना जरूरी

हर दवा की एक मियाद होती है, जो यह बताती है कि उस तारीख तक दवा अपनी पूरी प्रभावशीलता, सुरक्षा और गुणवत्ता ठीक रखेगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दवा खरीदते समय हमेशा एक्सपायरी डेट का ध्यान रखना चाहिए ताकि इसकी प्रभाविकता बनी रहे। 

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि तय समय के बाद हर दवा की केमिकल संरचना बदल सकती है, उसका असर कम हो सकता है या कुछ मामलों में वह हानिकारक भी बन सकती है। एक्सपायर्ड दवा की ताकत धीरे-धीरे कम होती जाती है। 

अगर आप बुखार, संक्रमण या हाई ब्लड प्रेशर की दवा लेते हैं और वह एक्सपायर हो चुकी है, तो बीमारी ठीक नहीं होगी। इससे संक्रमण बढ़ सकता है या बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।
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क्या कहते हैं डॉक्टर - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं डॉक्टर?

एक्सपायर दवा खा लेने का शरीर पर क्या असर हो सकता है, इस बारे में समझने के लिए हमने इंटरनल मेडिसन के डॉ उत्कर्ष निगम से बात की। डॉक्टर बताते हैं, अक्सर लोग इस समस्या के साथ परेशान देखे जाते हैं कि उन्होंने या परिवार में किसी ने एक्सपायर हो चुकी दवा खा ली है तो क्या इससे जान जा सकती है? क्या मरीज को अस्पताल में भर्ती कर देना चाहिए?
 
  • डॉक्टर कहते हैं, अक्सर लोग इस स्थिति में पैनिक हो जाते हैं और हड़बड़ी में अस्पताल की ओर भागते हैं।
  • हालांकि सच्चाई ये है कि अगर किसी ने गलती से एक्सपायर हो चुकी दवा खा ली है तो डरने की जरूरत नहीं है, इससे शरीर पर तुरंत कोई गंभीर असर नहीं होता है।

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दवाओं की एक्सपायरी डेट का रखें ध्यान - फोटो : Adobe Stock Photos
इन दवाओं को लेकर सावधानी जरूरी

डॉक्टर उत्कर्ष कहते हैं, कुछ स्थितियों जैसे संक्रामक दवाओं (टेट्रासाइक्लिन या डॉक्सीसाइक्लिन) की एक्सपायरी डेट निकल जाने के बाद अगर आपने ये दवाएं खा ली हैं तो सावधान हो जाना चाहिए। 
 
  • यह एंटीबायोटिक दवाएं है जो बैक्टीरिया के विकास को रोकती है। मुंहासे, त्वचा संक्रमण और श्वसन संक्रमण के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता है।
  • अगर आपने गलती से एक्सपायर्ड टेट्रासाइक्लिन या डॉक्सीसाइक्लिन दवा खा ली है तो कुछ स्थितियों में इससे पॉइजनिंग का खतरा हो सकता है जिसका किडनी की सेहत पर असर पड़ने का खतरा रहता है।

डॉक्टर कहते हैं, रूटीन दवाएं जो हम अक्सर सर्दी-खांसी, दर्द आदि के लिए लेते हैं, अगर इसे आपने एक्सपायरी डेट निकल जाने के बाद खा ली है तो इससे एकदम कोई गंभीर रिएक्शन नहीं होता है। एक्सपायरी का मतलब ये नहीं है कि इसके बाद दवा जहर बन जाएगी। इसका मतलब है कि तय सीमा के बाद उस दवा का असर खत्म हो जाता है और वो लाभ नहीं देती है। 
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दवा के इस्तेमाल को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Adobe Stock Photo
डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

डॉक्टर कहते हैं, अगर आपने गलती से एक्सपायर्ड दवा खा भी ली है और कोई लक्षण नहीं हैं तो घबराने की जरूरत नहीं। लेकिन अगर उल्टी, चक्कर, एलर्जी या असामान्य लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। भविष्य में दवा लेने से पहले एक्सपायरी डेट जरूर जांचें।

एंटीबायोटिक्स, इंसुलिन और लिक्विड दवाएं एक्सपायरी के बाद जोखिम भरी हो सकती है, इसलिए इनके इस्तेमाल को लेकर सावधानी जरूरी है। संक्रमण की स्थितियों में एक्सपायर हो चुकी दवा लेने से इसका शरीर पर तुरंत तो कई गंभीर असर नहीं पड़ता है, पर इससे संक्रमण के और बढ़ने का खतरा जरूर हो सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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