पेशाब के रंग पर दें ध्यान
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बीमारियों का पता लगाने के लिए यूरिन टेस्ट
कई बार जब आप अपनी बीमारियों के निदान के लिए डॉक्टर के पास जाते हैं तो जांच में आपसे पेशाब का सैंपल मांगा जाता है, जानते हैं क्यों?
पेशाब के माध्यम से शरीर से फिल्टर अपशिष्ट निकलते रहते हैं, ऐसे में इसके रंग में बदलाव के आधार पर कई तरह की बीमारियों का निदान किया जा सकता है। डॉक्टर बताते हैं, पेशाब सामान्य तौर से साफ या हल्के पीले रंग का होना चाहिए। हालांकि कुछ स्थितियों में इसके रंग में बदलाव हो सकता है। पानी कम पीने वाले लोगों के पेशाब का रंग हल्का भूरा या गाढ़ा हो सकता है। पेशाब के रंग में होने वाले परिवर्तन पर सभी लोगों को गौर करने की जरूरत है।
पेशाब में बदलावों पर देते रहें ध्यान
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क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
पेशाब के रंग में बदलाव का क्या मतलब है इसे भोपाल स्थित एक अस्पताल में वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ संतोष अग्रवाल ने विस्तार से समझाया है।
डॉ संतोष बताते हैं, यूरिन का कलर हमारी सेहत का सीक्रेट कोड होता है, पेशाब का रंग कैसा है इसके आधार पर हमें सेहत से संबंधित कई जानकारियां मिल सकती हैं। पेशाब का रंग में बदलाव मुख्य रूप से तीन बातों पर निर्भर करता है-
- आप रोजाना कितना पानी पी रहे हैं, शरीर की हाइड्रेशन कैसा है?
- कहीं आप कोई ऐसी दवा तो नहीं ले रहे हैं जिससे पेशाब का रंग बदल रहा है?
- या फिर कहीं आपको कोई गंभीर बीमारी तो नहीं है जो पेशाब के रंग में बदलाव का कारण बन रहा है?
डॉ संतोष बताते हैं, सामान्य रूप से पेशाब का रंग हल्का पीला होता है। अगर आप बहुत अधिक पानी पी रहे हैं तो ये रंग बदलकर साफ-सफेद हो जाता है। हालांकि अगर आपके पेशाब का रंग हमेशा साफ-सफेद रहता है तो ये भी किसी बीमारी की तरफ संकेत हो सकता है। डायबिटीज इन्सिपिडस नामक बीमारी में पेशाब बहुत ज्यादा आता है इसके कारण भी लोगों को पेशाब में ये बदलाव नजर आ सकता है।
अगर पेशाब का रंग गहरा पीला है तो ये संकेत है कि आप कम पानी पी रहे हैं या डिहाइड्रेशन का शिकार हो गए हैं। कुछ प्रकार के मल्टी विटामिन्स के कारण भी आपके पेशाब का रंग गहरा या पीला हो सकता है।
पेशाब का लाल रंग खतरनाक
डॉ संतोष बताते हैं, पेशाब का रंग अगर लाल हो गया है तो ये एक खतरनाक संकेत है, जिसपर गंभीरता से ध्यान दिया जाना जरूरी है। वैसे तो ये चुकंदर खाने के कारण भी हो सकता है पर अगर कुछ दिनों से आपका पेशाब लाल रंग का हो रहा है तो तुरंत किसी डॉक्टर की सलाह ले लें। कुछ स्थितियों में ये किडनी में स्टोन, किडनी कैंसर या फिर प्रोस्टेट कैंसर का भी संकेत हो सकता है जिसका समय पर निदान और इलाज जरूरी है।
यूरिन कलर में बदलाव का क्या कारण है?
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इन बदलावों पर भी दें ध्यान
डॉक्टर संतोष बताते हैं, यूरिन का कलर संतरी होना गंभीर डिहाइड्रेशन का संकेत माना जाता है। इसी तरह डिहाइड्रेशन अगर और भी बढ़ जाता है तो पेशाब का रंग भूरा भी होने लगता है।
- पेशाब का रंग केसरिया या संतरी होना कुछ स्थितियों में लिवर की बीमारी की तरफ भी इशारा करता है।
- कुछ बीमारियों में शरीर की मांसपेशियों का प्रोटीन लीक करके पेशाब के माध्यम से निकलने लगता है इसके कारण भी पेशाब का रंग भूरा हो सकता है।
- पेशाब का रंग कोका रंग का होना किडनी और मूत्र पथ की बीमारियों की तरफ इशारा हो सकता है।
- कई बार पेशाब में बहुत अधिक झाग भी हो सकता है, ये प्रोटीन लीक के कारण अक्सर देखा जाता है।
अगर आपको पेशाब के रंग में इस तरह का कोई भी बदलाव दिख रहा है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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