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Health Tips: गर्मियों में बढ़ जाता है फूड पॉइजनिंग खतरा, इन बातों का रखें खास ध्यान वरना पड़ सकते हैं बीमार

Tue, 28 May 2024 07:30 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फूड पॉइजनिंग का खतरा - फोटो : istock
गर्मियों में सेहत को लेकर बरती गई जरा भी लापरवाही कई प्रकार के स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। उच्च तापमान और तेज धूप के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा तो रहता ही है साथ ही गर्मियों में खान-पान को लेकर बरती गई लापरवाही के कारण फूड पॉइजनिंग यानी भोजन विषाक्तता होने का जोखिम भी बढ़ जाता है।

गर्मी के दिनों में ज्यादा देर तक रखे भोजन या पेय पदार्थों में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ने लगते हैं। दूषित भोजन का सेवन करने से आप फूड पॉइजनिंग और पाचन से संबंधित कई गंभीर समस्याओं के शिकार हो सकते हैं। 

फूड पॉइजनिंग, खाद्य जनित बीमारी है जिसके कारण पेट खराब होना, दस्त और उल्टी की दिक्कत हो सकती है। वहीं अगर समय पर विषाक्तता का इलाज न हो पाए तो इसके कारण गंभीर निर्जलीकरण और इससे संबंधित अन्य दिक्कतें भी बढ़ने लगती हैं। आइए समझते हैं कि फूड पॉइजनिंग के क्या कारण होते हैं और इससे बचाव के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए?
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अस्वास्थ्यकर आहार के नुकसान - फोटो : istock
गर्मियों में फूड पॉइजनिंग की समस्या

फूड पॉइजनिंग की समस्या मुख्यरूप से ऐसे भोजन खाने से होती है जो किसी प्रकार के बैक्टीरिया या वायरस से संक्रमित होते हैं। जब आप दूषित खाद्य पदार्थ खाते हैं, तो पाचन तंत्र में बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं और संक्रमण का कारण बनते हैं। भोजन के रखरखाव में लापरवाही, भोजन पकाते समय स्वच्छता की कमी या फिर बासी चीजें खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है। समय रहते इसके लक्षणों की पहचान और इसका उपचार किया जाना आवश्यक माना जाता है।
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उल्टी-मतली की समस्या - फोटो : istock
फूड पॉइजनिंग में क्या दिक्कतें होती हैं?

फूड पॉइजनिंग के लक्षण बीमारी के कारणों के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं। सामान्यतौर पर भोजन विषाक्तता के कारण पेट खराब होने, उल्टी आने, दस्त, पेट में दर्द और ऐंठन, शौच से खून आने, बुखार के साथ सिरदर्द की समस्या हो सकती है। समय रहते इसका उपचार न हो पाने की स्थिति में निगलने में समस्या, कमजोरी का खतरा भी बढ़ जाता है। उल्टी-दस्त पर अगर समय रहते नियंत्रण न पाया गया तो इसके कारण गंभीर रूप से डिहाइड्रेशन हो सकता है, जो स्वास्थ्य जटिलताओं को और भी बढ़ाने वाली हो सकती है।

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पाचन तंत्र की समस्याओं के बारे में जानिए - फोटो : Freepik.com
फूड पॉइजनिंग हो जाए तो क्या करें?

भोजन विषाक्तता का उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि आपके लक्षण कितने गंभीर हैं और बीमारी का कारण क्या है? शरीर में तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को दूर करने के लिए फ्लूइड चढ़ाने की आवश्यकता हो सकती है। यदि बीमारी बैक्टीरिया के कारण हुई है तो आपको एंटीबायोटिक की भी जरूरत हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं फूड पॉइजनिंग के खतरे से बचे रहने के लिए कुछ बातों पर विशेष ध्यान देते रहना जरूरी है।
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स्वस्थ आहार का ही करें सेवन - फोटो : istock
फूड पॉइजनिंग से बचे रहने के उपाय

डॉक्टर कहते हैं, फूड पॉइजनिंग न हो इसके लिए जरूरी है कि आप कुछ सामान्य से उपायों का निरंतर पालन करते रहें। 
  • नियमित रूप से अपने हाथों को साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक धोएं। खाने से पहले और बाद में हाथ जरूर धोएं।
  • फलों और सब्जियों को अच्छी तरह से धोकर ही खाएं।
  • रसोई के बर्तनों को अच्छी तरह साफ करें।
  • कच्चा या अधपका भोजन न खाएं।
  • भोजन को बहुत देर तक न रखें। फ्रिज में भी भोजन को अच्छी तरह से ढककर ही रखें।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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