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Diet Tips: डायटीशियन ने बताया अच्छी सेहत का फॉर्मूला, कैसे होगी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और विटामिन्स की पूर्ति?

Sat, 22 Aug 2026 05:39 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

संतुलित आहार का मतलब केवल पेट भरना नहीं है। शरीर को हर दिन ऊर्जा के साथ-साथ प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, फाइबर, विटामिन और खनिजों की जरूरत होती है। इनमें से कुछ पोषक तत्व शरीर को ज्यादा मात्रा में चाहिए होते हैं, जबकि विटामिन और खनिज बहुत कम मात्रा में जरूरी होते हैं। 
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संतुलित आहार को बनाएं डाइट का हिस्सा - फोटो : Amarujala.com/AI
जब भी बात सेहत को ठीक रखने की होती है तो इसके लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ डाइट और लाइफस्टाइल दोनों में सुधार पर जोर देते हैं। हम जो कुछ भी खाते-पीते हैं उसका सीधा असर हमारी सेहत पर होता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को ऐसी चीजें खाने की सलाह देते हैं जिनसे शरीर के लिए जरूरी ज्यादातर पोषक तत्वों की आसानी से पूर्ति हो सके। पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या हमारे आहार में ऐसी चीजें हैं जो शरीर के लिए जरूरी न्यूट्रिशन दे सकें?

डायटीशियन का कहना है कि जिस तरह से हमारे खानपान में जंक और प्रोसेस्ड फूड्स, नमक-चीनी की मात्रा बढ़ती जा रही है, इसने सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। शरीर को हर दिन प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, फाइबर, विटामिन और खनिजों की जरूरत होती है। इनमें से कुछ पोषक तत्व शरीर को ज्यादा मात्रा में चाहिए होते हैं, जबकि खनिज बहुत कम मात्रा में जरूरी होते हैं। इन्हें माइक्रोन्यूट्रिएंट्स यानी सूक्ष्म पोषक तत्व कहा जाता है। मात्रा कम होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं कि इनकी अहमियत कम है।

आइए जानते हैं कि सेहत को ठीक रखने के लिए डायटिशियन क्या सलाह देती हैं?
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पौष्टिक चीजों का करिए सेवन - फोटो : Freepik.com
संतुलित आहार क्या है पहले ये जानिए

संतुलित आहार का मतलब ऐसी थाली से है जिसमें शरीर की जरूरत के अलग-अलग पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मिल सकें। 
 
  • इसमें सिर्फ कैलोरी या प्रोटीन पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। 
  • कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा देते हैं, प्रोटीन शरीर के ऊतकों के निर्माण और मरम्मत में मदद करता है।
  • जबकि हेल्दी फैट ऊर्जा के साथ शरीर की कोशिकाओं के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है।
  • इसके अलावा आहार में फाइबर, विटामिन और खनिज भी होने चाहिए।
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आहार पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
डाइटिंग के चक्कर में न करें सेहत से खिलवाड़

भारतीय भोजन में रोटी, चावल, दलिया और दूसरे अनाज मुख्य ऊर्जा स्रोतों में शामिल हैं। अक्सर लोग वजन घटाने और शरीर को फिट रखने की कोशिशों में इनसे पूरी तरह से दूरी बनाने लग जाता हैं पर इन्हें पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है। 
 
  • ज्यादा से ज्यादा साबुत या कम पॉलिश किए गए अनाज को भोजन में जगह देनी चाहिए। साबुत अनाज में फाइबर और कई पोषक तत्व मौजूद रहते हैं। 
  • प्रोटीन को अक्सर मांसपेशियों और जिम से जोड़कर देखा जाता है, जबकि इसकी जरूरत हर उम्र के व्यक्ति को होती है।
  • शरीर में ऊतकों के निर्माण और मरम्मत सहित कई जरूरी कामों में प्रोटीन की भूमिका होती है। दाल, चना, राजमा, लोबिया, सोयाबीन, दूध, दही, पनीर, अंडा, मछली और मांस इसके अलग-अलग स्रोत हैं।

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आंखों के लिए डाइट - फोटो : Amar Ujala
सेहत के लिए संतुलित व पोषक आहार जरूरी

कंसल्टेंट डायटेटिक्स डॉ वंदना बताती हैं, लंबे समय तक आंखों की सेहत बेहतर बनाए रखने के लिए संतुलित और पोषक आहार जरूरी है। डाइट में विटामिन ए, सी, ई, जिंक, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए। 
 
  • गाजर, शकरकंद, पालक, मेथी और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां विटामिन ए व अन्य पोषक तत्वों के अच्छे स्रोत हैं। 
  • संतरा, आंवला, अमरूद और नींबू जैसे फल विटामिन सी देते हैं जो आंखों की कोशिकाओं को ऑक्सिडेटिव नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं। 
  • इसके अलावा, बादाम, अखरोट, अलसी और चिया सीड्स ओमेगा-3 और विटामिन-ई देते हैं। 
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डाइट में फल-सब्जियां जरूरी - फोटो : Freepik.com
फल और सब्जियां बहुत जरूरी

डायटीशियन कहती हैं, सब्जियों और फलों को अक्सर भोजन के साथ एक अतिरिक्त चीज मान लिया जाता है, जबकि इनमें विटामिन, खनिज, फाइबर और कई दूसरे लाभकारी पौधों से मिलने वाले कंपाउंड्स पाए जाते हैं। अलग-अलग रंग और प्रकार के फल-सब्जियां खाने से अलग-अलग पोषक तत्व मिलते हैं।
 
  • 10 साल से अधिक उम्र के लोगों को रोज कम से कम 400 ग्राम फल और सब्जियां जरूर खानी चाहिए।
  • यानी अच्छी थाली में सिर्फ पेट भरने वाला खाना नहीं, बल्कि रंग-बिरंगी सब्जियां और फल भी होने चाहिए। यही  माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की जरूरत पूरी करने में मदद करती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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