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Health Risk: विटामिन्स की कमी के कारण हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां, आहार में गड़बड़ी कहीं पड़ न जाए भारी

Sun, 27 Apr 2025 09:19 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, विटामिन्स की कमी कई प्रकार की बीमारियों का भी कारण बन सकती है। यही कारण है कि नियमित रूप से बॉडी चेकअप और विटामिन्स के टेस्ट कराते रहना चाहिए। 
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हृदय को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाएं? - फोटो : Freepik.com
अच्छी सेहत चाहते हैं तो खान-पान को ठीक रखना सबसे जरूरी हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को अपने आहार में ऐसी चीजों को शामिल करना चाहिए जिससे शरीर के लिए जरूरी विटामिन्स और पोषक तत्वों की पूर्ति हो सके। विटामिन्स और मिनरल्स न केवल शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं और अंगों को ठीक तरीके से काम करने में मदद करते हैं, साथ ही ये कई बीमारियों से भी सुरक्षा देते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, विटामिन्स की कमी कई प्रकार की बीमारियों का भी कारण बन सकती है। यही कारण है कि नियमित रूप से बॉडी चेकअप और विटामिन्स के टेस्ट कराते रहना चाहिए। आहार में हरी सब्जियों-फलों, नट्स-सीड्स को शामिल करके भी विटामिन्स की पूर्ति की जा सकती है।

आइए जानते हैं कि किस विटामिन की कमी के कारण कौन सी बीमारी होने का जोखिम रहता है?
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आंखों की समस्या - फोटो : Freepik.com
आंखों की बीमारियां

आंखें ईश्वर का वरदान हैं, इन्हें स्वस्थ रखने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। हालांकि डॉक्टर्स कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण आंखों से संबंधित कई प्रकार की बीमारियों का जोखिम बढ़ता जा रहा है। आंखों की सेहत के लिए विटामिन-ए सबसे आवश्यक है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) कहता है, विटामिन-ए की कमी दुनियाभर में बच्चों में अंधापन का प्रमुख कारण है। विटामिन-ए की कमी होने से आंखों की क्षमता प्रभावित होती है जिससे आपको कम दिखने लगता है। आहार में विटामिन-ए वाली चीजें जैसे अंडे, डेयरी उत्पाद, नट्स को शामिल करके आंखों को स्वस्थ रखा जा सकता है।
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थकान-कमजोरी के कारण - फोटो : Freepik.com
न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का खतरा

तंत्रिका तंत्र को शरीर का संचार नेटवर्क कहा जाता है, जो पूरे शरीर में संदेश भेजने और अंगों के कार्यों को ठीक तरीके से करते रहने में मदद करती है। कुछ प्रकार की विटामिन्स की कमी आपके तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करने के साथ न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का कारण बन सकती है।

जर्नल ऑफ हेमाटोलॉजी की रिपोर्ट के मुताबिक विटामिन बी12 की कमी से नसों को नुकसान होता है, जिससे चलते-फिरते संतुलन बिगड़ सकता है और याददाश्त भी प्रभावित हो सकती है। न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से बचे रहने के लिए इस विटामिन से भरपूर चीजों का सेवन करें।

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कोलेजन की कमी से त्वचा की समस्याएं - फोटो : Adobe stock
कोलेजन की कमी

कोलेजन हमारे शरीर के लिए एक आवश्यक प्रोटीन है। शरीर को संरचना देने और शक्ति प्रदान करने में कोलेजन की भूमिका होती है। त्वचा और बालों को स्वस्थ रखने के लिए भी कोलेजन आवश्यक होता है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार विटामिन-सी की कमी से कोलेजन का निर्माण रुक जाता है, जिससे मसूड़ों से खून आना, घावों का देर से भरना और थकान जैसी समस्याएं होती हैं।

विटामिन-सी की कमी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी काफी कमजोर कर देती है जिसके कारण संक्रामक रोगों को जोखिम काफी बढ़ जाता है।
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हड्डियों की बीमारी - फोटो : Freepik.com
हड्डियों-दांतों की बीमारी

हड्डियों-दांतों से संबंधित समस्याओं के लिए विटामिन-डी की कमी को जिम्मेदार माना जाता है। द लैंसेट के एक अध्ययन से पता चलता है कि आहार में विटामिन-डी की कमी होने से हड्डियों का घनत्व कम होता है, जिससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है।

विटामिन-डी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाने में भी मदद करती है। ऐसे में यदि आपको विटामिन-डी की कमी हो जाए तो इसके कारण दांत और हड्डियां दोनों कमजोर हो जाती हैं।



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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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