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घर के भीतर गंदे जूते पहनने से बच्चों को नहीं होता अस्थमा, शोध में खुलासा

Tue, 18 Jun 2019 12:26 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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गंदे जूते पहनने से नहीं होता अस्थमा - फोटो : pixabay
अगर आपका बच्चा घर के भीतर गंदे जूते पहनता है तो उसे डांटे नहीं, ऐसा करके वह अस्थमा से बच सकता है। एक नए शोध में बताया गया है कि घर के अंदर गंदे जूते पहनने से बच्चों को अस्थमा की बीमारी नहीं होती है। इसकी वजह है कि अस्थमा के बैक्टीरिया मिट्टी में लचीले हो जाते हैं। ऐसे में अगर बच्चे गंदे जूते पहनकर घर में चहल-कदमी करते हैं तो उनको अस्थमा की बीमारी की संभावना बेहद कम रहती है।
 
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जूते - फोटो : pixabay
इसकी वजह है कि मिट्टी में कई तरह की जीवधारी संरचनाएं पाई जाती हैं जो कि बच्चों को अस्थमा की बीमारी से बचाती हैं। ऐसे में अगर घर के भीतर बैक्टीरिया लचीले ढंग से रहेंगे तो बच्चों में फेफड़ों संबंधित किसी भी रोग के होने की संभावना कम रहेगी।
 
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गंदे जूते पहनने से नहीं होता अस्थमा - फोटो : pixabay
शोधकर्ताओं ने इस शोध को करने के लिए फिनलैंड और जर्मनी के 1400 परिवारों के घर से बैक्टीरिया का विश्लेषण किया। तब जाकर शोधकर्ता इस निष्कर्ष पर पहुंचे की घर में अगर बच्चे गंदे जूते पहनते हैं तो उनको अस्थमा होने की संभावना कम रहती है।

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asthama day
इस शोध को फिनलैंड की नेशनल इंस्टीट्यू ऑफ हेल्थ एंडे वेलफेयर ने किया है। इसके अलावा इस शोध में यह बात भी बताई गई है कि जिन बच्चों के जितने ज्यादा भाई-बहन होते हैं उनको उतना कम अस्थमा होता है। इसकी वजह बैक्टीरिया का लचीलापन ही है। प्रोफेसर जुहा पेकानकेन का कहना है कि यह बेहद रोचक है कि घर के भीतर मौजूद माइक्रोबैक्टीरिया भी अस्थमा होने को रोक सकते हैं। 
 
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autism child
घर के भीतर जो बैक्टीरिया पनपते हैं वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने के साथ ही लाभकारी भी होते हैं। इससे पहले हुए शोध में बताया गया था कि जानवरों के साथ, खुले वातावरण में पलने वाले बच्चों को अस्थमा की बीमारी कम होती है। आपको बता दें कि अमेरिका में 54 लाख से ज्यादा और ब्रिटेन में ढ़ाई करोड़ बच्चे अस्थमा से पीड़ित हैं।
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