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Coronavirus: महामारी खत्म करने के लिए वैक्सीन काफी नहीं होगी, विशेषज्ञों ने कहा- ऐसा करना होगा जरूरी

Wed, 12 Aug 2020 01:43 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus Vaccine - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच इसकी वैक्सीन को लेकर दुनिया के कई देशों से अच्छी खबरें सामने आ रही है। रूस ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा किया है। तमाम सवालों और आरोपों के बीच रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अपनी बेटी को वैक्सीन लगवाने की खबर दुनिया को दी है। इधर भारत, ब्रिटेन, अमेरिका, चीन, इस्रायल आदि देश भी वैक्सीन बनाने के काफी करीब हैं। लेकिन क्या वैक्सीन से कोरोना महामारी खत्म हो जाएगी? विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा कहना जल्दबाजी होगी कि वैक्सीन निश्चित और अंतिम उपाय साबित होगी। 
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : पीटीआई
  • साइंस इनसाइडर में प्रकाशित एक रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने कहा है कि कोरोना पर पूरी तरह नियंत्रण के लिए वैक्सीन काफी नहीं होगी। यह बात तो बहुत से लोग जानते हैं कि किसी भी बीमारी की वैक्सीन तैयार करने में सालों लग जाते हैं। लेकिन कोरोना वायरस का संक्रमण जिस तेज से बढ़ता जा रहा है, इसने आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर दी है और इसी वजह से इस वायरस पर नियंत्रण के लिए जल्दबाजी में वैक्सीन विकसित की जा रही है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • जल्दी में वैक्सीन तैयार किए जाने को लेकर वैज्ञानिक भी संशय में हैं कि हर भौगोलिक स्थिति और वातावरण में यह कितनी कारगर होगी। क्या यह सभी उम्र के लोगों में कोरोना वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी मजबूत करने, एंटीबॉडी बनाने में पूरी तरह से असरदार हो? विशेषज्ञों का कहना है, "इतना जरूर है कि वैक्सीन कोरोना मरीज को दोबारा संक्रमित होने की संभावना को कम कर सकती है। यहां तक कि लक्षण भी नहीं बढ़ेंगे, लेकिन इसके खिलाफ तुरंत और पूरी सुरक्षा प्रदान करने और संक्रमण से बचाने में यह कितनी कारगर होगी, यह कहना जल्दबाजी होगी।" 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, वैक्सीन के विकास के लिए सफलता दर 10 फीसदी रही है। कोरोना की वैक्सीन के लिए भी सुरक्षा, प्रभावकारिता, साइडइफेक्ट जैसे कई दृष्टिकोण जरूरी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अबतक उपलब्ध वैक्सीन का लक्ष्य कोरोना संक्रमण को रोकने में कम से कम 60 से 70 फीसदी कारगर और प्रभावकारी बनाने का है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • साइंस इनसाइडर में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, बेयलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन में वैक्सीन विकसित करने वाली विशेषज्ञ मारिया एलेना बोट्टाती का कहना है, "जैसे ही आपको वैक्सीन मिल जाए, इसका ये मतलब कतई नहीं है कि आप अपना मास्क कचरे में फेंक सकते हैं। ऐसा होने वाला नहीं है। मुझे उम्मीद है कि लोग ये सोच कर नहीं बैठें कि वैक्सीन जादुई तरीके से वायरस का खतरा खत्म कर देगी।"
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • मारिया का कहना है कि हमें एक बेहतर वैक्सीन बनाने की जरूरत है, जो कोरोना वायरस संक्रमण को पूरी तरह से खत्म करे। उन्होंने कहा कि इसमें काफी लंबा वक्त लगेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, कोरोना वायरस की वैक्सीन के आने का मतलब यह नहीं होगा कि महामारी से पहले वाला जीवन इतनी आसानी से वापस आ जाएगा। 
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Coronavirus Vaccine - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
वैक्सीन आने के बाद भी यह करना होगा जरूरी
  • विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन के बावजूद हमें आपस में शारीरिक दूरी और स्वच्छता का पालन करना होगा। कई जगहों पर इसे लंबे समय तक जरूरी कर दिया गया है। इसके साथ ही मास्क पहनना बहुत जरूरी होगा। मास्क पहनने को आदत बना ली जाए तो इससे अच्छा क्या ही होगा। इन अभ्यासों के साथ ही वैक्सीन अपना काम प्रभावी ढंग से कर पाएगा। 
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Coronavirus - फोटो : iStock
  • विशेषज्ञों का कहना है कि वे कोरोना वैक्सीन की प्रभावशीलता पर बहुत संदेह नहीं जता रहे। इसमें कोई दो राय नहीं कि कोरोना की वैक्सीन न होने से बेहतर है, एक ऐसी वैक्सीन का होना, जो कम से कम 60 फीसदी तक भी कारगर हो। वैक्सीन के जरिए हमें हर्ड इम्यूनिटी पाने में मदद मिलेगी। साथ ही मास्क का इस्तेमाल करते रहें, यह ज्यादा श्रेयस्कर होगा। 
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