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जानना जरूरी: रोज रात में अचानक टूट जाती है आपकी नींद? आखिर क्या हो सकती है इसके पीछे की वजह

Tue, 29 Sep 2026 11:14 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Sleep Disorders: कभी-कभार रात में 2-3 बजे आंख खुलना सामान्य हो सकता है, लेकिन लगातार ऐसा होना नींद की समस्याओं का संकेत हो सकता है। तनाव-चिंता, कैफीन, कमरे का माहौल और स्लीप एपनिया जैसी स्थितियां नींद की समस्याओं का कारण बन सकती हैं।
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रात में अच्छी नींद के लिए क्या करें - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आप भी अक्सर रात में जाग जाते हैं? अचानक नींद टूट जाने के बाद फिर से नींद नहीं आती है?

रात में अचानक आंख खुलना सामान्य है। कभी शोर, रोशनी, गर्मी या तनाव की वजह से भी नींद टूट सकती है। लेकिन अगर रोज या बार-बार रात के बीच में आंख खुलती है और फिर लंबे समय तक नींद नहीं आती, तो इसके पीछे कोई कारण हो सकते हैं।

वयस्कों को आमतौर पर रात में करीब 7 से 9 घंटे की नींद की जरूरत होती है। बार-बार नींद टूटना, बहुत जल्दी जाग जाना या जागने के बाद दोबारा नींद न आना नींद की समस्या का कारण हो सकता है। नींद पूरी न होने से आपको अगले दिन सुस्ती-थकान रह सकती है। पर अक्सर रात में 2-3 बजे के बीच नींद टूट जाना कई बार अलार्मिंग भी माना जाता है।
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स्ट्रेस की समस्या - फोटो : Freepik.com
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, रात में अक्सर नींद टूट जाने के पीछे तनाव से लेकर कैफीन, मोबाइल की आदत और कई बार कुछ प्रकार की नींद संबंधी बीमारियां भी कारण हो सकती हैं। अगर सोते समय सांस रुकने या दिनभर बहुत ज्यादा नींद आने की भी दिक्कत होती हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

ज्यादा तनाव हो सकता है कारण

तनाव और चिंता दिमाग को रात में भी सक्रिय रखते हैं। दिनभर की परेशानियां, काम का दबाव, परिवार या पैसे से जुड़ी चिंता सोने के बाद भी दिमाग में चलती रह सकती हैं। ऐसे में आप रात में अचानक जाग जाते हैं और फिर सोच-विचार शुरू हो जाता है। तनाव और चिंता को नींद विकारों का आम कारण भी माना जाता है।
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नींद की समस्याओं के कारण - फोटो : Amarujala.com/AI
मोबाइल की लत और चाय-कॉफी की आदत
 
  • सोने से पहले लंबे समय तक मोबाइल चलाना, देर शाम चाय-कॉफी या कैफीन वाले पेय लेना और सोने से पहले भारी भोजन के कारण भी नींद प्रभावित हो सकती है। कैफीन देर तक आपको जगाए रखती है, जबकि भारी भोजन से नींद में परेशानी पैदा हो सकती है।

खर्राटे और नींद की समस्या
 
  • अगर रात में तेज खर्राटे आते हैं, सोते समय सांस रुकती है या घुटन-हांफने जैसी समस्याएं होती हैं, तो ये स्लीप एपनिया का संकेत हो सकता है। स्लीप एपनिया में सोते समय सांस बार-बार रुकती और फिर शुरू होती है। इसके कारण आपको दिन में अत्यधिक थकान, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी और सुबह सिरदर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं।
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नींद की समस्याओं को लेकर मिलें डॉक्टर से - फोटो : Adobe stock
कब जाएं डॉक्टर के पास?

अगर कभी-कभार आपकी नींद टूटती है तो आमतौर पर घबराने की जरूरत नहीं होती। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, दिनभर थकान रहती है या काम पर ध्यान नहीं लगता तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। नींद टूटने के कारणों का पता लगाकर उसका इलाज कराएं। कई बार शरीर में बढ़ रही गंभीर बीमारियों के कारण भी ऐसी परेशानी हो सकती है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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