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Varun Dhawan: वेस्टिबुलर हाइपोफंक्शन नामक बीमारी से जूझ रहे हैं वरुण धवन, जानिए समस्या के बारे में विस्तार से

Tue, 08 Nov 2022 06:17 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वरुण धवन वेस्टिबुलर हाइपोफंक्शन से हैं पीड़ित - फोटो : Twitter
अभिनेता वरुण धवन ने हाल ही में एक साक्षात्कार में खुलासा किया कि वह वेस्टिबुलर हाइपोफंक्शन नामक एक समस्या से पीड़ित हैं। मंगलवार को अपने एक ट्वीट में उन्होंने लिखा- हाल ही में दिए इंटरव्यू में मैंने अपनी सेहत के बारे में बात की थी और बताया कि मैं अपना 100 फीसदी नहीं दे पा रहा हूं। आप सबका जो प्यार और दुआ मुझे मिला उससे मैं अभिभूत हूं, काम के प्रति अपने 100 फीसदी योगदान को लेकर प्रयासरत हूं। असल में वरुण की यह समस्या शारीरिक संतुलन से संबंधित है, वेस्टिबुलर हाइपोफंक्शन की स्थिति में कानों के भीतर बैलेंस सिस्टम की समस्या होती है। 

संतुलन संबंधी यह विकार किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन जैसे-जैसे आप बड़े होते जाते हैं, इसका जोखिम बढ़ता जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फिलहाल वरुण ठीक हैं, उनका इलाज चल रहा है। संतुलन की यह समस्या किस प्रकार के शरीर को प्रभावित कर सकती है औऱ इसकी समय रहते पहचान कैसी की जा सकती है, आइए इस बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।
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वेस्टिबुलर हाइपोफंक्शन की समस्या - फोटो : istock
वेस्टिबुलर हाइपोफंक्शन के बारे में जानिए

मेडिकल रिपोर्टस बताते हैं, हमारे कान में हड्डियों और कार्टिलेज का एक सिस्टम होता है। इसमें नलिकाओं का जाल होता है, जिन्हें सेमीसर्कुलर कैनल्स कहा जाता है। इन कैनल्स में द्रव भरा होता है। गति के साथ द्रव की स्थिति बदलती रहती है। कान में एक सेंसर इस स्थिति में मस्तिष्क को संतुलन बनाने में योगदान करने के लिए सिग्नल भेजता है। डॉक्टर्स बताते हैं कि कई कारकों के चलते यह सिग्न्लस प्रभावित हो सकते हैं, जो बाद में वेस्टिबुलर हाइपोफंक्शन जैसी समस्याओं का कारण बनते हैं।

इस तरह के जोखिमों को लेकर सभी को बचाव के उपाय करते रहने चाहिए। आइए जानते हैं कि यह समस्या होती क्यों है और इससे कैसे बचा जा सकता है?
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वेस्टिबुलर संतुलन विकार - फोटो : iStock
वेस्टिबुलर हाइपोफंक्शन के कारण और लक्षण

वेस्टिबुलर संतुलन विकारों के लिए जिन कारणों को जिम्मेदार माना जाता है उनमें कुछ प्रकार की दवाइयां, संक्रमण या फिर कानों की आंतरिक की समस्याएं जैसे कान में रक्त परिसंचरण की कमी आदि हो सकती है। कुछ स्थितियों में सेमीसर्कुलर कैनल्स में कैल्शियम के अवशेष एकत्रित हो जाते हैं, जिसके कारण भी सिग्नल्स का प्रवाह बाधित हो सकता है। यदि आपको हाल ही में मस्तिष्क में चोट लगी है तो भी इस तरह की समस्या हो सकती है। 

इस बैलेंस विकार में कई प्रकार के लक्षण हो सकते हैं।
  • चक्कर आना
  • शरीर की संतुलन अक्सर बिगड़ा हुआ महसूस करना।
  • ऐसा महसूस होना जैसे आप तैर रहे हैं या मानो दुनिया घूम रही है।
  • धुंधला दिखाई देना।
  • गिरना या ठोकर लगना
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वेस्टिबुलर हाइपोफंक्शन का इलाज - फोटो : istock
वेस्टिबुलर हाइपोफंक्शन की समस्या और इसका इलाज

वेस्टिबुलर बैलेंस डिसऑर्डर के लक्षण आपकी नियमित दैनिक गतिविधियों जैसे गाड़ी चलाने, काम करने या मनोरंजन गतिविधियों का आनंद लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। इसका असर आपको मानसिक तौर पर भी परेशान कर सकता है। इस समस्या को इलाज के माध्यम से ठीक किया जा सकता है। उपचार अंतर्निहित कारणों पर निर्भर करता है, इसमें दवा और जीवनशैली में बदलाव शामिल हैं। कुछ स्थितियों में सर्जरी की भी आवश्यकता हो सकती है।

यदि आपको अक्सर चक्कर आने या सुनने में समस्या होती रहती है तो इस बारे में डॉक्टर की सलाह लें, यह वेस्टिबुलर बैलेंस डिसऑर्डर का संकेत हो सकता है।



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स्रोत और संदर्भ

What is vestibular balance disorder

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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