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Health Alert: टॉयलेट में फोन लेकर जाना इन चार बीमारियों को दे सकता है न्योता, तुरंत छोड़ दीजिए ये आदत

Thu, 09 Apr 2026 08:14 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

 क्या आप भी टॉयलेट में मोबाइल फोन लेकर जाते हैं? टॉयलेट में लंबे समय तक बैठकर मोबाइल इस्तेमाल करना बवासीर (हेमोरॉयड्स) और बैक्टीरियल संक्रमण जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।
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टॉयलेट में मोबाइल चलाने के नुकसान - फोटो : Amarujala.com
21वीं सदी को डिजिटल दौर कहा जा सकता है। मोबाइल फोन्स ने हमारी जिंदगी को काफी आसान बना दिया है। अब चुटकियों में हम कई काम बड़े आसानी से कर लेते हैं। हालांकि मोबाइल फोन्स ने लोगों में इसके इस्तेमाल की आदत भी लगा दी है। इस डिजिटल दौर में मोबाइल फोन हमारे हाथों से शायद ही कभी दूर होता है। यहां तक कि टॉयलेट जाते समय भी हम इससे दूर नहीं हो पा रहे हैं। 

वैसे मोबाइल फोन से दूर होने पर बेचैनी होना भी एक स्वास्थ्य समस्या है, जिसे नोमोफोबिया कहा जाता है। अगर आप टॉयलेट के समय भी मोबाइल से अलग नहीं हो पा रहे हैं तो ये स्थिति चिंताजनक हो सकती है।

क्या आप जानते हैं कि यह आदत आपकी सेहत पर गंभीर असर डाल सकती है? विशेषज्ञों के अनुसार, टॉयलेट में बैठकर मोबाइल चलाते रहना आपको बवासीर (हेमोरॉयड्स) का शिकार बना सकता है। बवासीर के अलावा ये एक आदत आपके लिए कई और दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती है।
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टॉयलेट में मोबाइल चलाने के नुकसान - फोटो : Freepik.com
टॉयलेट में फोन चलाते हैं तो हो जाएं सावधान

अमर उजाला से बातचीत में वरिष्ठ कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्ट डॉ. पंकज अवस्थी बताते हैं, मोबाइल ने जाने-अनजाने हम लोगों को इसपर इतना निर्भर बना दिया है कि कुछ मिनटों की दूरी भी हमें परेशान करने लगती है।

टॉयलेट में बैठे-बैठे सोशल मीडिया स्क्रॉल करते रहना, गेम खेलना, चैट या फिर ईमेल चेक करना अब आम आदत बन चुकी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये कंफर्ट जोन आपकी सेहत के लिए खतरे की घंटी हो सकता है? टॉयलेट में फोन का इस्तेमाल करने से हेमोरॉयड्स यानी पाइल्स रोग होने का खतरा 45% तक बढ़ सकता है।
 
  • अगर आप भी टॉयलेट में फोन लेकर जाते हैं तो जाने-अनजाने तमाम तरह की संक्रामक बीमारियों को भी न्योता दे रहे होते हैं।
  • एक अध्ययन में पाया गया है कि टॉयलेट में ले जाने वाले फोन पर दरवाजे के हैंडल से 10 गुना ज्यादा बैक्टीरिया पाए जाते हैं। यानी आपका स्मार्टफोन एक मिनी जर्म हाउस में बदल सकता है।
  • जब आप इस फोन के छूते हैं तो इसपर चिपके बैक्टीरिया आपके हाथों से होते हुए नाक के रास्ते शरीर में जाकर कई तरह की बीमारियां बढ़ाने वाले हो सकती हैं। यानी ये एक आदत आपको संक्रामक रोगों की ओर भी ले जा सकता है।
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पाइल्स हेमोरॉयड्स रोग - फोटो : Adobe Stock
फोन के साथ टॉयलेट पर बैठना क्यों है खतरनाक?
 
1. पाइल्स- जब लोग टॉयलेट में फोन ले जाते हैं तो वे पांच मिनट की जगह 15-20 मिनट तक बैठे रहते हैं। इससे पाइल्स व एनल फिशर जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। 
2. बाथरूम में फ्लश करने पर हवा में कई तरह के बैक्टीरिया और पार्टिकल्स फैलते हैं। ये सीधे फोन पर जम जाते हैं। बाद में वही फोन चेहरे, हाथ और खाने तक बैक्टीरिया पहुंचाता है।
3. टॉयलेट में स्क्रॉलिंग दिमाग को लगातार स्टिमुलेशन देती है। ये डोपामिन की आदत को मजबूत करती है। धीरे-धीरे ध्यान केंद्रित करना मुश्किल होता है। 
4. टॉयलेट पर झुककर फोन देखने से गर्दन, पीठ और पेल्विक फ्लोर पर स्ट्रेस डालती है। इससे ब्लैडर और बाउल कंट्रोल भी प्रभावित हो सकता है।
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टॉयलेट में न ले जाएं मोबाइल फोन - फोटो : Adobe Stock
कहीं आप भी तो नहीं कर रहें ये गलती

डॉक्टर कहते हैं, मोबाइल फोन को हम शायद ही कभी सैनिटाइज करते हैं। टॉयलेट में ले जाने के बाद में वही फोन चेहरे, हाथ और खाने की चीजों के संपर्क में आता है। इससे पेट के संक्रमण, डायरिया और अन्य बैक्टीरियल बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि टॉयलेट में जाने के दौरा मोबाइल को बाहर ही छोड़ दें। साथ ही, नियमित हाथ धोना और फोन को डिसइंफेक्ट करना जरूरी है। टॉयलेट सीट पर ज्यादा देर तक बैठना भी ठीक नहीं है, ये आपको बवासीर का शिकार बना सकती है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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