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UTI Risk: क्या पब्लिक टॉयलेट इस्तेमाल करने से होता है यूटीआई? डॉक्टर ने तोड़ा बड़ा भ्रम

Thu, 16 Oct 2025 07:59 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • यूटीआई तब होता है जब बैक्टीरिया मूत्रमार्ग के माध्यम से मूत्र पथ में प्रवेश कर जाता है और बढ़ना शुरू कर देता है। 
  • यूटीआई की समस्या को गंदे टॉयलेट के इस्तेमाल से जोड़कर देखा जाता है। क्या वास्तव में गंदे या सार्वजनिक शौचलयों के इस्तेमाल से यूटीआई होने का खतरा अधिक होता है, आइए डॉक्टर से समझते हैं।
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यूटीआई की बढ़ती समस्या - फोटो : Adobe Stock
UTI Risk: यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) आजकल एक बहुत आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। ये मूत्रमार्ग को प्रभावित करता है। महिलाओं में यूटीआई की दिक्कत अधिक देखी जाती रही है, हालांकि कुछ पुरुष भी इसका शिकार हो सकते हैं।

यूटीआई तब होता है जब बैक्टीरिया मूत्रमार्ग के माध्यम से मूत्र पथ में प्रवेश कर जाते हैं और वहां बढ़ना शुरू कर देते हैं। एस्चेरिचिया कोलाई नामक बैक्टीरिया को इस संक्रामक रोग का प्रमुख कारण माना जाता रहा है। पुरुषों में यूटीआई के मामले आमतौर पर यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) के कारण होते हैं।

विशेषज्ञ यूटीआई संक्रमण के लिए हाइजीन की कमी, पानी कम पीने, लंबे समय तक पेशाब रोकने और असुरक्षित तरीके के यौन संबंधों को प्रमुख कारण माना जाता रहा है। आमतौर पर महिलाओं में यूटीआई की समस्या को गंदे टॉयलेट के इस्तेमाल से जोड़कर देखा जाता है।

क्या वास्तव में गंदे या सार्वजनिक शौचलयों के इस्तेमाल से यूटीआई होने का खतरा अधिक होता है, आइए डॉक्टर से समझते हैं।
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महिलाओं में यूटीआई का खतरा - फोटो : Adobe Stock
महिलाओं में खतरा अधिक

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, महिलाओं में यह संक्रमण ज्यादा देखा जाता है क्योंकि उनकी मूत्र नली छोटी होती है और बैक्टीरिया आसानी से ब्लैडर तक पहुंच सकते हैं। यूटीआई पुरुषों की तुलना में महिलाओं में चार गुना अधिक आम है। अगर आपको पहले से कुछ स्वास्थ्य समस्याएं जैसे डायबिटीज, किडनी की बीमारी हो या फिर आप कम पानी पीते हैं तो ये स्थितियां जोखिमों को और भी बढ़ाने वाली हो सकती हैं।

आइए अब समझते हैं कि सार्वजनिक शौचालयों के इस्तेमाल से यूटीआई का कितना जोखिम रहता है?
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टॉयलेट के इस्तेमाल के बाद हो जाती है यूटीआई? - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

दिल्ली स्थित एक अस्पताल में यूरोलॉजिस्ट डॉ प्रशांत जैन कहते हैं, ये सवाल हमारे सामने अक्सर आ जाता है कि क्या पब्लिक टॉयलेट के इस्तेमाल के कारण यूटीआई होता है? डॉ कहते हैं, ये यूटीआई को लेकर फैला सबसे बड़ा मिथ है। अगर कोई टॉयलेट या सीट बहुत गंदी है तो इससे कई प्रकार के संक्रमण का खतरा हो सकता है, पर इसके अलावा सामान्य टॉयलेट के इस्तेमाल से यूटीआई नहीं होता।

डॉक्टर कहते हैं, जिन लोगों को बार-बार यूटीआई की समस्या हो रही है, अगर आप कहीं जा रहे हैं और वहां टॉयलेट के इस्तेमाल के बाद यूटीआई हो रही है तो इसके कारणों को समझना जरूरी है। ये आपकी कमजोर इम्युनिटी के कारण होने वाली समस्या हो सकती है।

बार-बार या लंबे समय तक यूटीआई रहना किडनी के लिए समस्याएं बढ़ा सकती है इसलिए समय रहते डॉक्टर की सलाह लें और बीमारी के असली कारणों का निदान और इलाज कराएं।
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यूटीआई और हार्ट अटैक का खतरा - फोटो : Amarujala.com
यूटीआई के कारण हार्ट अटैक का भी खतरा

यूटीआई और इसके कारण होने वाले दुष्प्रभावों को लेकर फिनलैंड और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक हालिया अध्ययन में बताया कि यूटीआई संक्रमण से हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ सकता है। इससे पहले जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में साल 2018 में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन में भी शोधकर्ताओं ने निमोनिया और यूटीआई जैसे वायरल संक्रमणों और हृदय रोगों के बीच एक मजबूत संबंध पाया था। पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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