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Union Budget 2025: स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए इस बजट में क्या-क्या रहा खास? यहां जानिए सबकुछ

Sat, 01 Feb 2025 02:34 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : ANI
Union budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शनिवार (1 फरवरी 2025) को लोकसभा में रिकॉर्ड लगातार आठवां बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह बजट विकास की रफ्तार बढ़ाने, समग्र विकास करने, निजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ाने, घरेलू संवेदनाओं को मजबूत करने और मध्यम वर्ग की खर्च करने की क्षमता को बढ़ाने की कोशिशों का हिस्सा है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में विकास को लेकर भी बजट में कई सारी घोषणाएं की गई हैं। मखाना का उत्पादन और उसके प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए मखाना बोर्ड बनाने,  मेडिकल स्नातक और स्नातकोत्तर सीटें बढ़ाने सहित कई घोषणाएं की गई हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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मेडिकल स्टडी को बढ़ाने पर जोर - फोटो : Freepik.com
 मेडिकल की सीटें बढ़ाई जाएंगी

वित्तमंत्री ने सीतारमण ने कहा कि 2014 से अब तक मेडिकल की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए 1.1 लाख मेडिकल स्नातक और स्नातकोत्तर सीटें जोड़ी गई हैं। अगले साल अस्पतालों और कॉलेजों में 10,000 अतिरिक्त सीटें जोड़ी जाएंगी। सरकार अगले 3 साल में सभी जिला अस्पतालों में डेकेयर कैंसर सेंटर की स्थापना की सुविधा प्रदान करेगी। कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित रोगियों को राहत देने के लिए 36 जीवन रक्षक दवाओं को सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट दी जाएगी।
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कैंसर रोगियों को राहत - फोटो : freepik.com
कैंसर रोगियों के राहत

वित्तमंत्री ने कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित रोगियों को राहत प्रदान करते हुए, 36 जीवन रक्षक दवाओं की बेसिक सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट दे दी है। इसके अलावा 6 अन्य जीवन रक्षक दवाओं को रियायती छूट दी जाएगी। बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री ने कहा "रोगियों, विशेष रूप से कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए मैं 36 जीवन रक्षक दवाओं को पूरी तरह से सीमा शुल्क से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं।

सीमा शुल्क में छूट के अलावा, वित्तमंत्री सीतारमण ने हर जिले में कैंसर देखभाल केंद्र स्थापित करने की भी घोषण की है। इस पहल का उद्देश्य रोगियों के लिए गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार को सहज और आसान बनाना है। इससे न सिर्फ कैंसर का समय रहते निदान आसान होगा साथ ही समय पर उपचार शुरू हो जाने से रोगी की जान बचने की संभावना भी बढ़ जाएंगी।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : पीटीआई
स्वास्थ्य पर खर्च भी बढ़ाया

सरकार ने देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के विकास, रखरखाव और सुधार के लिए 95,957.87 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो वित्त वर्ष 2025 में 86582.48 करोड़ रुपये से अधिक है। सरकार ने दवा उद्योग के लिए PLI हेतु 2,445 करोड़ रुपये भी आवंटित किए हैं।
  • आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) को ₹9,406 करोड़ का आवंटन मिला। इसके अलावा सरकार ने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएमएबीएचआईएम) के लिए ₹4,200 करोड़ आवंटित किए हैं।
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  • सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) को ₹37,226.92 करोड़ आवंटित किए। राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम को ₹79.6 करोड़ आवंटित किए गए।
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मखाना - फोटो : Freepik.com
मखाना बोर्ड स्थापित करने की घोषणा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मखाना के उत्पादन, मार्केटिंग और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए बिहार में मखाना बोर्ड स्थापित करने की घोषणा की है। माना जा रहा है कि यह घोषणा बिहार के किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी और मखाना बोर्ड के गठन से किसानों को और भी लाभ होगा।

मखाना को सेहत के लिए कई प्रकार से लाभकारा माना जाता रहा है। इसमें कई प्रकार के विटामिन्स और पोषक तत्व होते हैं जिन्हें अध्ययनों में सेहत के लिए लाभकारी बताया गया है। इस फैसले से उम्मीद की जा रही है कि मखाना का उत्पादन बढ़ेगा और ये अपेक्षाकृत सस्ते दाम में लोगों को उपलब्ध हो सकेगा। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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