हल्दी वाला दूध
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हल्दी दूधमें एंटासिड दवाओं जैसे गुण
थाईलैंड की चुलालोंगकॉर्न यूनिवर्सिटी में 206 मरीजों पर आठ हफ्तों तक हुए क्लीनिकल ट्रायल में पाया गया कि पेट दर्द, अफारा (ब्लोटिंग), खट्टी डकारें और जलन दूर करने में हल्दी के अर्क ने पारंपरिक एंटासिड दवाओं जैसी ही राहत दी। शोध में बताया गया कि बाजार में करक्यूमिन कैप्सूल या सप्लीमेंट्स में लेड (सीसा) या सॉल्वेंट्स भी हो सकते हैं। अतः घरेलू हल्दी उत्तम है।
पश्चिमी देशों में स्वास्थ्य-फिटनेस के शौकीनों के बीच भारतीय परंपरा का हल्दी वाला दूध अब गोल्डन मिल्क के नाम से लोकप्रिय हो रहा है। यानी बचपन में कड़वा लगने वाला हल्दी का दूध न्यूयॉर्क और पेरिस के महंगे कैफे की मेन्यू कार्ड की शान बना हुआ है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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