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सावधान: हर साल 2 लाख से अधिक लोगों की इस बीमारी से हो जाती है मौत, ऐसे लक्षण दिखते ही हो जाएं अलर्ट

Fri, 01 Apr 2022 01:46 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बढ़ रहे है टीबी रोग के मामले - फोटो : iStock
वैश्विक स्तर पर कैंसर और हृदय रोगों के साथ टी.बी यानि क्षय रोग के कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। भारत के लिए भी यह बीमारी गंभीर चिंता का कारण बनी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक हर साल देश में टीबी के कारण सवा दो लाख से ज्यादा लोगों की जान जाती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक  पिछले वर्ष की तुलना में 2021 में देश में टीबी रोगियों की संख्या में 19 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। साल 2020 में जहां देश में 16, 28,161 लोग टीबी के शिकार थे वहीं साल 2021 में टीबी रोगियों (नए और रिलैप्स) की कुल संख्या बढ़कर 19,33,381 हो गई है।

टीबी एक गंभीर संक्रामक रोग है जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। तपेदिक का कारण बनने वाले जीवाणु खांसी और छींक के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस गंभीर रोग से बचाव को लेकर सभी लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। इसके लक्षणों को लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। आइए जानते हैं कि किन लक्षणों के आधार पर इस गंभीर संक्रामक रोग के खतरे की पहचान की जा सकती है?
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टीबी की हर साल बढ़ती समस्या - फोटो : pixabay
लंबे समय से खांसी की समस्या
अगर आपको भी 3 सप्ताह से अधिक समय से लगातार खांसी की समस्या बनी हुई है तो इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। लंबे समय तक बनी रहने वाली खांसी की समस्या को टीबी का प्रमुख लक्षण माना जाता है। यह रोग आपके फेफड़ों को प्रभावित करता है जिसके परिणामस्वरूप लगातार खांसी हो सकती है। कुछ अन्य लक्षणों में सीने में दर्द, सांस फूलने और खांसी के साथ खून आने की समस्या भी हो सकती है।
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अधिक पसीना आने के लक्षण - फोटो : Pixabay
रात को पसीना आना
असामान्य तौर पर रात में अधिक पसीना आने का लक्षण टीबी की ओर इशारा हो सकता है। फेफड़ों में होने वाली समस्याओं के चलते लोगों में इस तरह की दिक्कत हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक फेफड़ों में बैक्टीरिया के बढ़ने के कारण आपको बुखार से साथ या बिना बुखार के भी रात में अधिक पसीना आने की दिक्कत हो सकती है।

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थकान की समस्या को न करें अनदेखा - फोटो : iStock
लगातार थकान महसूस होना
थकान की समस्या को टीबी रोगियों में प्रमुख लक्षण के तौर पर देखा जाता रहा है। यह रोग शरीर को कमजोर करती जाती है जिसके कारण रोगियों में थकान की समस्या बनी रह सकती है। लगातार खांसी के साथ यदि आपको भी थकान महसूस होता आ रहा हो तो इसको लेकर शीघ्रता से किसी विशेषज्ञ से संपर्क करने की आवश्यकता है।
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टीबी में शारीरिक कमजोरी की समस्या - फोटो : iStock
वजन कम होते जाना
अचानक से वजन घटने के साथ भूख न लगने की समस्या टीबी के प्रमुख लक्षणों में से एक है। फेफड़ों को प्रभावित करने के साथ बैक्टीरिया शरीर को कमजोर करते जाते हैं जिसके कारण वजन कम होना सामान्य है। भूख न लगने और भोजन न कर पाने के कारण भी वजन कम होने लगता है, जिसके कारण टीबी रोगियों का शारीरिक स्वास्थ्य लगातार कमजोर होता जाता है।
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टीबी की समस्या से बचाव आवश्यक - फोटो : Pixabay
टीबी से सुरक्षित कैसे रहें?
यदि आपमें टीबी रोग का निदान किया गया है, तो आमतौर पर दवाओं के साथ उपचार में कुछ महीनों का समय लग सकता है। इस दौरान दवाइयों में गैप न करें। इसके अलावा टीबी से बचाव के लिए कुछ बातों का ध्यान रखें।
  • टीबी के रोगाणु बंद स्थानों में अधिक आसानी से फैलते हैं। कमरे में अच्छे वेंटिलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है।
  • जब भी आप छींकें या खांसें तो अपने मुंह को अच्छी तरह से कवर करें। 
  • गंदे टिश्यू को कूड़ेदान में ही फेंकें।
  • फेस मास्क पहनें। उपचार के दौरान और टीबी से बचाव के लिए, दोनों ही स्थितियों में फेस मास्क पहनने से संचरण के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
  • फेफड़ों को स्वस्थ रखने वाले व्यायाम करें।
  • सांस या खांसी की समस्या को नजरअंदाज न करें, इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। 


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स्रोत और संदर्भ
Tuberculosis

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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