फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Heart Health: टीएमटी टेस्ट क्या होता है, कब पड़ती है इसकी जरूरत? यहां जानिए सबकुछ आसान भाषा में

Fri, 27 Feb 2026 08:13 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ट्रेडमिल स्ट्रेस टेस्ट हृदय की कार्यक्षमता को जांचने वाला एक महत्वपूर्ण टेस्ट है। अगर टीएमटी टेस्ट पॉजिटिव आता है तो इसका मतलब हो सकता है कि हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त रक्त आपूर्ति नहीं मिल रही है।
विज्ञापन
1 of 4
ट्रेडमिल टेस्ट क्या होती है? - फोटो : Adobe Stock
दिल की बीमरियां अब कम उम्र के लोगों को भी अपनी चपेट में लेती जा रही हैं। ये दुनियाभर में होने वाली मौतों का प्रमुख कारण भी हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से हमारी दिनचर्या, खान पान की आदतें गड़बड़ होती जा रही हैं, हृदय रोगों का खतरा भी समय के साथ बढ़ता जा रहा है। जिनके परिवार में पहले से किसी को हार्ट की समस्या रही हो, ऐसे लोगों को दिल की सेहत को लेकर और भी सतर्क हो जाने की जरूरत होती है।

अमर उजाला में हम लगातार हार्ट डिजीज और हार्ट अटैक के बढ़ते खतरे को लेकर लोगों को सावधान करते रहे हैं। हालिया रिपोर्ट में राजस्थान में 9 वर्षीय छात्रा की खेलते-खेलते हार्ट अटैक से मौत की खबर ने इस बीमारी को लेकर डर और भी बढ़ा दिया है।

लगातार सीने में दर्द, सांस फूलने, सीढ़ियां चढ़ते समय थकान या चक्कर आने जैसे लक्षण हृदय रोगों का संकेत हो सकते हैं। जिन लोगों को इस तरह की दिक्कतें लगातार होती रहती हैं, उन्हें डॉक्टर टीएमटी टेस्ट की सलाह दे सकते हैं। आइए टीएमटी टेस्ट के बारे में जान लेते हैं।
विज्ञापन

2 of 4
हृदय से संबंधित समस्याओं का खतरा - फोटो : Freepik.com
पहले जानिए आखिर टीएमटी टेस्ट होता क्या है?

ट्रेडमिल स्ट्रेस टेस्ट या टीएमटी टेस्ट इस बात को पता लगाने में मदद करता है कि आपके दिल की कार्यक्षमता ठीक है या नहीं?

इस टेस्ट में मरीज को ट्रेडमिल पर चलाया या दौड़ाया जाता है और इसी दौरान ईसीजी, ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट की मॉनिटरिंग की जाती है। इसकी मदद से ये जानने की कोशिश की जाती है कि शारीरिक मेहनत के दौरान हृदय तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन सही तरीके से पहुंच रही है या नहीं?


ये भी पढ़िए- (कब पड़ती है सीपीआर की जरूरत, क्या है इसे देने का सही तरीका? डॉक्टर ने दी सारी जानकारी)
विज्ञापन

3 of 4
ट्रेडमिल टेस्ट की कब होती है जरूरत - फोटो : Adobe Stock
कब पड़ती है टीएमटी टेस्ट की जरूरत?

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ एम.आर. खान बताते हैं, ये टेस्ट खुद से नहीं कराया जा सकता है। मरीज के लक्षणों को देखते हुए डॉक्टर इसकी सलाह देते हैं।
 
  • जिन लोगों को अक्सर सीने में दर्द, सांस फूलने, अक्सर थकान रहने या दिल की धड़कन अनियमित बने रहने की दिक्कत होती है उन्हें डॉक्टर इस टेस्ट की सलाह दे सकते हैं। 
  • एंजियोप्लास्टी या बाईपास सर्जरी के बाद भी हृदय की स्थिति जानने के लिए भी यह टेस्ट किया जाता है।


इस टेस्ट में होता क्या है?

शारीरिक मेहनत के दौरान दिल किस तरह से काम कर रहा है, इसे टीएमटी टेस्ट से समझना आसान होता है। 
 
  • इस टेस्ट के दौरान मरीज के सीने पर इलेक्ट्रोड लगाए जाते हैं, जिससे लगातार ईसीजी मॉनिटरिंग होती रहती है।
  • इसके साथ-साथ ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट पर भी नजर रखी जाती है।
  • ट्रेडमिल पर चलने के दौरान  शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है। 
  • अगर मरीज के  हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज या कोई अन्य समस्या है तो ट्रेडमिल पर चलने के दौरान ईसीजी में बदलाव दिखाई दे सकते हैं। 
विज्ञापन

4 of 4
टीएमटी टेस्ट से दिल की सेहत का चलता है पता - फोटो : Adobe Stock
टीएमटी टेस्ट पॉजिटिव होने का क्या मतलब है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर टीएमटी टेस्ट पॉजिटिव आता है, तो इसका मतलब हो सकता है आपको हार्ट से संबंधित कोई दिक्कत हो सकती है।  
 
  • टीएमटी टेस्ट पॉजिटिव ये दिखाता है कि हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज या दिल तक रक्त प्रवाह में किसी वजह से कमी हो सकती है।
  • इस टेस्ट के बाद दिल से संबंधित समस्याओं की पुष्टि के लिए डॉक्टर कुछ और जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। 



------------
नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें