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Diabetes: आयुर्वेद की सलाह- ये चार चीजें आपके शुगर को रखेंगी कंट्रोल, मेडिकल साइंस ने भी माना इसे फायदेमंद

Sat, 22 Jul 2023 09:30 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डायबिटीज को कैसे कंट्रोल करें? - फोटो : iStock
डायबिटीज को 'साइलेंट किलर डिजीज' के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिसका मतलब है कि यह रोग शरीर को अंदर ही अंदर खोखला करती जाती है। यही कारण है कि अगर शुगर लेवल को कंट्रोल न किया जाए तो डायबिटीज रोगियों में हृदय रोग, आंखों, तंत्रिकाओं के साथ किडनी-लिवर की गंभीर बीमारियों का खतरा काफी अधिक हो सकता है। जिन लोगों को पहले से ही मधुमेह की समस्या है उन्हें इसे नियंत्रित करने और जो इससे सुरक्षित हैं उन्हें डायबिटीज से बचाव को लेकर हमेशा प्रयास करते रहना चाहिए।

डॉक्टर कहते हैं, डायबिटीज किसी को भी हो सकता है, बच्चों में भी टाइप-2 डायबिटीज का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ब्लड शुगर को कंट्रोल करने और डायबिटीज की जटिलताओं से बचाव के लिए आयुर्वेद में कई ऐसी चीजों का जिक्र मिलता है जो विशेष लाभकारी हो सकती हैं। मेडिकल साइंस ने भी ब्लड में ग्लूकोज के स्तर को कंट्रोल करने में इन्हें फायदेमंद पाया है।
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गिलोय से होने वाले फायदे - फोटो : istock
गिलोय से मिलेगा लाभ

गिलोय, उन औषधियों में से एक है जिसका प्रयोग वर्षों से कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता रहा है। इम्युनिटी पावर बढ़ाने के साथ ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में गिलोय से लाभ मिल सकता है। आयुर्वेद के अलावा मेडिकल साइंस ने भी अध्ययनों में पाया कि गिलोय का सेवन इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करने, रक्त शर्करा के स्तर को कंट्रोल में लाभकारी हो सकता है। गिलोय की पत्तियों के पाउडर को भी टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों के लिए काफी कारगर प्रभावों वाला पाया गया है।
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जामुन में मौजूद पोषक तत्व - फोटो : iStock
जामुन का फल और बीज दोनों फायदेमंद

गिलोय की तरह ही जामनु भी डायबिटीज की समस्या में काफी फायदेमंद हो सकता है। आयुर्वेद में जामुन के बीज के पाउडर और फल दोनों को शुगर रोगियों के लिए लाभकारी पाया गया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि जामुन में हाइपोग्लाइसेमिक प्रभाव होता है, जो रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में सहायता करता है। इसमें एंथोसायनिन, एलाजिक एसिड और पॉलीफेनोल्स जैसे बायोएक्टिव यौगिक होते हैं जो इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करने और मधुमेह संबंधी जटिलताओं के जोखिम को कम करने में फायदेमंद है।

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डायबिटीज में आंवला खाने के फायदे - फोटो : Pixabay
आंवला से नहीं बढ़ने पाता है ब्लड शुगर लेवल

आंवला शक्तिशाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है। विटामिन-सी से भरपूर होने के कारण ये प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए तो फायदेमंद है ही साथ ही रक्त शर्करा के स्तर को कंट्रोल करने में भी आंवला खाने से लाभ मिलता है। यह एंटीऑक्सीडेंट से भी भरपूर है, जो अग्न्याशय के कार्यों को बेहतर बनाने और इंसुलिन स्राव को बढ़ाने में मदद करता है।

अध्यनों में पाया गया है कि आंवला, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और इंफ्लामेशन को कम करने में भी सहायक है जिसका जोखिम मधुमेह में देखा जाता है।
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करेला के जूस से कंट्रोल होता है शुगर लेवल - फोटो : Pixabay
करेला, डायबिटीज रोगियों के लिए सबसे लाभकारी सब्जी

डायबिटीज में सब्जियों के चयन को लेकर परेशान रहते हैं तो इसमें करेला आपके लिए सबसे फायदेमंद विकल्प हो सकता है। लंबे समय से आयुर्वेद में इसका मधुमेह रोधी गुणों के लिए उपयोग किया जाता रहा है। मेडिकल साइंस ने शोध में पाया कि करेला में पॉलीपेप्टाइड-पी नामक इंसुलिन जैसा यौगिक होता है, जो रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करता है।

करेला ग्लूकोज के उपयोग को बेहतर बनाने और इंसुलिन स्राव को उत्तेजित करने में भी सहायता करता है। करेला की सब्जी-जूस या इसके बीज के चूर्ण का सेवन, दोनों आपके लिए बहुत फायदेमंद है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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