डायबिटीज को 'साइलेंट किलर डिजीज' के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिसका मतलब है कि यह रोग शरीर को अंदर ही अंदर खोखला करती जाती है। यही कारण है कि अगर शुगर लेवल को कंट्रोल न किया जाए तो डायबिटीज रोगियों में हृदय रोग, आंखों, तंत्रिकाओं के साथ किडनी-लिवर की गंभीर बीमारियों का खतरा काफी अधिक हो सकता है। जिन लोगों को पहले से ही मधुमेह की समस्या है उन्हें इसे नियंत्रित करने और जो इससे सुरक्षित हैं उन्हें डायबिटीज से बचाव को लेकर हमेशा प्रयास करते रहना चाहिए।
डॉक्टर कहते हैं, डायबिटीज किसी को भी हो सकता है, बच्चों में भी टाइप-2 डायबिटीज का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ब्लड शुगर को कंट्रोल करने और डायबिटीज की जटिलताओं से बचाव के लिए आयुर्वेद में कई ऐसी चीजों का जिक्र मिलता है जो विशेष लाभकारी हो सकती हैं। मेडिकल साइंस ने भी ब्लड में ग्लूकोज के स्तर को कंट्रोल करने में इन्हें फायदेमंद पाया है।