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Health Tips: हाई ब्लड प्रेशर और लो-ब्लड प्रेशर के लक्षणों में हैं अंतर, पहचान कर करें जरूरी उपचार

Wed, 15 Mar 2023 05:51 PM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रक्त के सर्कुलेशन में आने वाली समस्याओं ब्लड प्रेशर है। - फोटो : iStock
Health Tips High And Low Blood Pressure Symptoms: खानपान में गड़बड़ी और गलत जीवनशैली की वजह से कई तरह की बीमारियां हो रही हैं। इनमें से सबसे सामान्य शारीरिक समस्या है ब्लड प्रेशर या रक्तचाप। ब्लड प्रेशर की समस्या में शरीर का रक्त प्रवाह असंतुलित होने लगता है। इसके कारण शरीर और सेहत पर कई प्रभाव पड़ते हैं। ब्लड प्रेशर की स्थिति तब आती है जब हृदय जो कि हमारे शरीर के सभी अंगों में खून को पंप करने का काम करता है, जब तक हार्ट सामान्य तरीके से शरीर के सभी अंगों में खून का प्रवाह करता है उसे सामान्य ब्लड प्रेशर कहा जाता है। रक्त के सर्कुलेशन में आने वाली समस्याओं को ब्लड प्रेशर की समस्या कहते हैं। ब्लड प्रेशर की बीमारी दो तरह की होती है- एक हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप और लो ब्लड प्रेशर यानी निम्न रक्तचाप। इसे हाइपरटेंशन और हाइपोटेंशन कहते हैं। हाई और लो ब्लड प्रेशर की बीमारी के लक्षणों को जानकर आप दोनों अंतर को पहचान सकते हैं। इस बीपी के लक्षण के मुताबिक उपचार के बारे में जानें।
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हाई बीपी के कारण दिल का दौरा पड़ सकता है। - फोटो : iStock
हाई ब्लड प्रेशर का प्रभाव

उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन की गंभीर स्थिति है, जिसमें हमारा हृदय शरीर में ठीक ढंग से खून को पंप नहीं कर पाता। इस दिक्कत को समय पर कंट्रोल न किया जाने से दिल का दौरा, स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हाई ब्लड प्रेशर की रीडिंग में सिस्टोलिक 130 से 139 mm Hg के बीच और डायास्टोलिक 80 से 90 mm Hg के बीच की होती है।
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लो बीपी को हाइपोटेंशन कहते हैं। - फोटो : PIXABAY
लो ब्लड प्रेशर का प्रभाव

हाइपोटेंशन या लो ब्लड प्रेशर की स्थिति में हृदय शरीर में औसत मानक से कम खून का प्रवाह करता है। इस बीमारी में मरीज को कई दिक्कतें हो सकती हैं। लो ब्लड प्रेशर की रीडिंग में सिस्टोलिक 90 mm Hg से कम और डायास्टोलिक 60 mm Hg से कम होता है। इंसान के सामान्य बीपी की जांच सिस्टोलिक - 120 mmHg और डायास्टोलिक 80 mm Hg होता है।

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हाई बीपी में सिरदर्द की समस्या लगातार रहती है - फोटो : pixabay
हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण

उच्च रक्तचाप की समस्या में विशेष लक्षण दिखाई नहीं देते। इस कारण हाई बीपी का आसानी से पता नहीं चल पाता है। हाई बीपी से ग्रसित लोगों को शुरुआत में सिरदर्द की समस्या लगातार होती है। हाई बीपी की दिक्कत सबसे ज्यादा ठंड के मौसम में बढ़ जाती है। इसमें सिरदर्द, घबराहट और बहुत ज्यादा पसीना आने लगता है। हाइपरटेंशन की स्थिति का सही पता जांच से ही चलता है।
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लो बीपी में नजर धुंधली होने लगती है - फोटो : Pixabay
लो ब्लड प्रेशर के लक्षण

निम्न रक्तचाप के लक्षणों को अगर लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए तो इंसान को सदमा हो सकता है। निम्न रक्तचाप के लक्षण जानें-

अत्यधिक थकान
चक्कर आना या बेहोशी
नजर धुंधली होना
मन स्थिर न होना
ठंडी और चिपचिपी त्वचा
त्वचा का पीला पड़ना
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हाई बीपी वाले खाने में नमक की मात्रा कम का सेवन करें। - फोटो : iStock
हाई ब्लड प्रेशर से बचाव के उपाय
  • हाई बीपी की समस्या से बचने के लिए नियमित स्वस्थ और संतुलित आहार लेना चाहिए।
  • खाने में नमक की मात्रा कम हो और पोटेशियम की मात्रा को बढ़ाना चाहिए।
  • कम वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। साथ ही फल और सब्जियों का सेवन करें।
  • मोटापे से हाई बीपी की समस्या हो सकती है, इसलिए वजन को नियंत्रित रखें।
  • शराब और धूम्रपान का सेवन करने से बचना चाहिए।
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शराब और धूम्रपान के सेवन से बचें - फोटो : istock
लो ब्लड प्रेशर से बचाव के टिप्स
  • शरीर को हाइड्रेट रखें।
  • शराब और धूम्रपान का सेवन करने बचें।
  • कार्बोहाइड्रेट का कम सेवन करें।
  • दिन में थोड़ा थोड़ा खाते रहें और एक साथ पेट भरकर न खाएं। 
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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