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लंबे सफर और ट्रैफिक जाम में स्पाइन पर पड़ सकता है असर, ऐसे करें रीढ़ की हड्डी की देखभाल

Thu, 24 Sep 2026 12:19 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Tips to Avoid Back Pain While Driving: अगर आप उन लोगों में से हैं, जो खुद से गाड़ी ड्राइव करते हैं तो अपनी स्पाइन यानी कि रीढ़ की हड्डी का ध्यान आपको खुद रखना है। यहां इस लेख में हम आपको उसी की जानकारी देंगे। 
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ऐसे करें रीढ़ की हड्डी की देखभाल - फोटो : AI
Tips to Avoid Back Pain While Driving: लंबे समय तक ट्रैफिक जाम में गाड़ी चलाना या बैठे रहना सिर्फ मानसिक थकान ही नहीं बढ़ाता, बल्कि आपकी कमर और रीढ़ की हड्डी पर भी दबाव डाल सकता है। खासकर जो लोग रोजाना लंबे समय तक कार ड्राइव करते हैं, उनमें गलत पोश्चर, सीट की गलत ऊंचाई या बैक सपोर्ट की कमी के कारण कमर दर्द, गर्दन में अकड़न और कंधों में खिंचाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 

ट्रैफिक में लगातार एक ही स्थिति में बैठे रहने से शरीर की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। अगर ऐसी स्थिति रोजाना बनी रहे तो असहजता बढ़ सकती है। इसलिए ड्राइविंग के दौरान सही सीट पोजीशन बनाए रखना, जरूरत पड़ने पर ब्रेक लेना और शरीर को ज्यादा देर तक एक ही मुद्रा में न रखना जरूरी है। 

अगर आपको लंबे समय से कमर दर्द की शिकायत है, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना बेहतर है। आइए जानते हैं ड्राइविंग के दौरान स्पाइन को कैसे सुरक्षित रखें।
 
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ऐसे करें रीढ़ की हड्डी की देखभाल - फोटो : AI
  सीट की पोजीशन सही रखें

 ड्राइविंग सीट को इस तरह एडजस्ट करें कि आपकी पीठ सीट के बैकरेस्ट से अच्छी तरह लगी रहे और पैरों को पैडल तक पहुंचने के लिए ज्यादा आगे न झुकना पड़े। सीट बहुत पीछे होने पर शरीर को बार-बार आगे झुकाना पड़ सकता है, जिससे कमर पर दबाव बढ़ सकता है।

  कमर को दें पर्याप्त सपोर्ट

 ड्राइविंग के दौरान कमर के निचले हिस्से को सपोर्ट मिलना जरूरी है। अगर सीट का लंबर सपोर्ट पर्याप्त नहीं है, तो छोटा कुशन या रोल्ड टॉवल इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे कमर के प्राकृतिक कर्व को सपोर्ट मिल सकता है।
 
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ऐसे करें रीढ़ की हड्डी की देखभाल - फोटो : AI

लंबे समय तक एक ही पोजीशन में न रहें

 लंबे ट्रैफिक जाम या लगातार कई घंटे की ड्राइव के दौरान शरीर को एक ही मुद्रा में रखने से मांसपेशियों में अकड़न हो सकती है। सुरक्षित जगह पर रुककर कुछ देर चलना और हल्की स्ट्रेचिंग करना शरीर को रिलैक्स करने में मदद कर सकता है।

  स्टीयरिंग से सही दूरी रखें

 स्टीयरिंग बहुत दूर होने पर ड्राइवर को आगे झुकना पड़ सकता है, जबकि बहुत पास होने पर हाथ और कंधों पर तनाव बढ़ सकता है। स्टीयरिंग की स्थिति ऐसी रखें कि पीठ सीट से लगी रहे और हाथ आरामदायक स्थिति में रहें।

 
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ऐसे करें रीढ़ की हड्डी की देखभाल - फोटो : AI
 गर्दन और कंधों पर भी दें ध्यान

 ड्राइविंग के दौरान लगातार आगे देखने और कंधों को तनाव में रखने से गर्दन और कंधों में दर्द हो सकता है। सिर को सामान्य स्थिति में रखें और कंधों को अनावश्यक रूप से ऊपर उठाकर न रखें।

 दर्द को लगातार नजरअंदाज न करें

 अगर कमर या गर्दन का दर्द लगातार बना रहता है, पैरों में सुन्नपन या झनझनाहट होती है, कमजोरी महसूस होती है या दर्द बढ़ता जा रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। ऐसे लक्षणों का कारण केवल लंबे समय तक ड्राइविंग होना जरूरी नहीं है।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
 
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