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Thyroid disorder: बच्चों में भी हो सकती है थायरॉइड की बीमारी? माता-पिता को जरूर पता होनी चाहिए ये बातें

Thu, 11 Jun 2026 08:35 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

थायरॉइड को वयस्कों की बीमारी माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह बच्चों में भी हो सकती है? थायरॉइड के शिकार बच्चों में अक्सर सुस्ती, दूध कम पीने, कब्ज, लंबे समय तक पीलिया और रोने की आवाज भारी होने जैसे लक्षण हो सकते हैं। 
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बच्चों में थायरॉइड की समस्या - फोटो : Freepik.com
थायरॉइड की बीमारी अब काफी आम होती जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक भारत में थायरॉइड से जुड़ी बीमारियां सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चिंता का विषय हैं। इससे अनुमानित 4.2 करोड़ लोग प्रभावित हैं।

हाइपोथायरायडिज्म (थायरॉइड हार्मोन का कम उत्पादन) और हाइपरथायरायडिज्म (थायरॉइड का ज्यादा उत्पादन होना) जैसी समस्याएं भारतीय वयस्कों में काफी आम हैं। अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया था कि महिलाओं में थायरॉइड रोग होने का खतरा अधिक देखा जाता रहा है।

आमतौर पर थायरॉइड को वयस्कों की बीमारी माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह बच्चों में भी हो सकती है? गर्दन में स्थित छोटी सी ये ग्रंथि कई जरूरी हार्मोन बनाती है जो शरीर की ऊर्जा, वृद्धि, मेटाबॉलिज्म और दिमागी विकास को नियंत्रित करती है। बच्चों में थायरॉइड हार्मोन की कमी या अधिकता उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर असर डाल सकती है। नवजात शिशुओं में जन्मजात हाइपोथायरॉइडिज्म का खतरा देखा जाता रहा है।
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थायरॉइ़ड की समस्या - फोटो : Adobe Stock
बच्चों में भी होती है थायरॉइड की बीमारी

भारत में लगभग हर 2,500 बच्चों में से एक बच्चा जन्मजात हाइपोथायरायडिज्म की समस्या के साथ पैदा होता है। नवजात, बच्चे हों या किशोर ये बीमारी सभी को प्रभावित कर सकती हैं। बच्चों के विकास और सीखने की क्षमता कम होने को इस बीमारी का प्रमुख कारण माना जाता है।

कुछ बच्चे जन्म से ही पर्याप्त थायरॉइड हार्मोन नहीं बना पाते। यदि इसकी देर से पहचान हो या फिर इलाज देर से शुरू हो, तो दिमागी विकास और वृद्धि प्रभावित हो सकता है।
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बच्चों में थायरॉइड की समस्या - फोटो : Freepik.com
क्या होते हैं बच्चों में लक्षण

थायरॉइड के शिकार बच्चों में अक्सर सुस्ती, दूध कम पीने, कब्ज, लंबे समय तक पीलिया और रोने की आवाज भारी होने जैसे लक्षण हो सकते हैं। 
 
  • बड़े बच्चों में थकान, वजन बढ़ने, ठंड ज्यादा लगने, त्वचा में सूखापन बढ़ने, कब्ज और पढ़ाई में ध्यान कम लगने जैसी समस्याएं दिखाई दे सकती है। 
  • लड़कियों में में मासिक धर्म अनियमित होना भी संकेत हो सकता है।
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बच्चों की सेहत पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
बच्चे की लंबाई कम तो नहीं?

थायरॉइड हार्मोन बच्चों की वृद्धि के लिए जरूरी है। इसकी कमी होने पर बच्चे की लंबाई बढ़ने की गति धीमी हो सकती है। कुछ बच्चों में वजन बढ़ता है लेकिन ऊंचाई नहीं बढ़ती। समय पर इलाज से इस समस्या को ठीक किया जा सकता है।
 
  • इतना ही नहीं थायरॉइड हार्मोन की कमी से ऊर्जा स्तर और एकाग्रता प्रभावित हो सकती है। बच्चा थका हुआ, सुस्त या पढ़ाई में कम रुचि दिखता है। 
  • छोटे बच्चों में भाषा और सीखने के विकास पर भी असर पड़ सकता है। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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