Thyroid And Fertility Link: थायरॉइड ग्रंथि हमारे गले के निचले हिस्से में स्थित एक छोटी सी तितली के आकार की ग्रंथि है, लेकिन इसका प्रभाव पूरे शरीर के प्रजनन तंत्र पर बहुत गहरा होता है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, थायरॉइड हार्मोन (T3 और T4) शरीर की हर कोशिका के मेटाबॉलिज्म और एनर्जी लेवल को नियंत्रित करते हैं। जब यह ग्रंथि बहुत कम (हाइपोथायरायडिज्म) या बहुत अधिक (हाइपरथायरायडिज्म) हार्मोन बनाने लगती है, तो यह महिलाओं और पुरुषों दोनों की फर्टिलिटी यानी प्रजनन क्षमता को सीधे प्रभावित करती है।
महिलाओं में थायरॉइड हार्मोन का असंतुलन सीधे ओव्यूलेशन (अंडाशय से अंडे का निकलना) की प्रक्रिया में बाधा डालता है, जिससे प्रेगनेंसी में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। अक्सर जो महिलाएं बार-बार गर्भपात या अनियमित पीरियड्स का सामना करती हैं, उनके पीछे थायरॉइड का अनियंत्रित लेवल एक बड़ा कारण हो सकता है। इस यह सिर्फ एक हार्मोनल समस्या नहीं है, बल्कि यह आपके फर्टिलिटी को भी प्रभावित करता है।