डेंगू-मलेरिया का खतरा
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बरसात के दिनों में मच्छरों का खतरा
बरसात के मौसम में जगह-जगह पानी जमा हो जाता है। यही ठहरा हुआ पानी मच्छरों के अंडे देने और तेजी से बढ़ने के लिए अनुकूल माहौल बन जाता है। यही वजह है कि मानसून के दौरान मच्छरों की संख्या बढ़ती है और मलेरिया का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है।
बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और कमजोर प्रतिरक्षा (इम्यूनिटी) वाले लोग इस बीमारी से अधिक प्रभावित हो सकते हैं। मलेरिया से काफी हद तक बचाव संभव है। घर और आसपास पानी जमा न होने देना और मच्छरों से बचाव के उपाय इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम कर देता है।
कैसे की जाती है मलेरिया की पहचान
मलेरिया के शुरुआती लक्षण में सामान्य वायरल की तरह ही बुखार होता है।
- हालांकि समय के साथ तेज बुखार के साथ ठंड लगने, कंपकंपी की समस्या बढ़ जाती है।
- कुछ लोगों को अत्यधिक पसीना आने, सिरदर्द, शरीर में दर्द, कमजोरी, मतली और उल्टी जैसे लक्षण हो सकते हैं।
- शाम के समय तेज कंपकंपी के साथ बुखार होना इसका सबसे आम संकेत माना जाता है।