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ऐसे पहचान सकते हैं रीढ़ की हड्डी में होने वाले दर्द को, ये हैं लक्षण और बचाव

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spine - फोटो : istock
इंसान के शरीर के हर एक अंग की अपनी खासियत है। अगर इनमें से किसी में भी तकलीफ, दर्द या ये खराब हो जाए तो व्यक्ति को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं में से एक चीज है दर्द। हमारे शरीर में कई तरह का दर्द उठता है। कभी सिर दर्द, कभी पैर दर्द तो कभी जोड़ों का दर्द। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रीढ़ की हड्डी में होने वाला दर्द काफी खतरनाक हो सकता है? शायद नहीं, तो चलिए हम आपको इसके लक्षण से लेकर इस दर्द से बचने के तरीकों के बारे में बताते हैं, ताकि अगर आपको ये दर्द हो तो आप इसे पहचान सकें और इसका उपचार भी कर सकें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
दरअसल, कम्प्रेसिव मायलोपैथी नाम की ये बीमारी हमारी रीढ़ की हड्डियों को संकुचित करते हुए उन्हें कमजोर कर देती है। वैसे तो ये बीमारी पचास साल की उम्र के बाद शुरू होती है, लेकिन कई बार कई अन्य कारणों की वजह से ये बीमारी इंसान को काफी कम उम्र में भी घेर लेती है। इस दर्द में इंसान को काफी पीढ़ा का सामना करना पड़ता है और ये कभी ऊपर से नीचे की और तो कभी नीचे से ऊपर की और बढ़ता है। इस दर्द के लिए लोग कई तरह की दवाइयों का भी सेवन करते हैं, लेकिन कई बार उन्हें इनसे भी ज्यादा आराम नहीं मिल पाता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इस बीमारी के कई कारण हो सकते हैं, जिसकी वजह से हमें इस तरह की समस्या हो सकती है। रूमैटिक गठिया के कारण गर्दन के जोड़ों को नुकसान पहुंच सकता है, जिसकी वजह से गंभीर जकड़न और दर्द पैदा हो सकता है। आमतौर पर रूमैटिक गठिया गर्दन के ऊपरी भाग में होता है। वहीं, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस रीढ़ से संबंधित समस्याओं के कारण जब स्पाइनल कैनाल सिकुड़ जाता है, तब स्पाइनल कॉर्ड पर अधिक दबाव बढ़ जाता है। स्पाइनल ट्यूमर, स्पाइनल टीबी और स्पाइनल में संक्रमण इस रोग के प्रमुख कारणों में से एक है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
बात इसके लक्षणों की करें, तो इस बीमारी के होने के कई लक्षण हैं। अगर आपको चलने में किसी तरह की कठिनाई होती है या फिर शरीर को संतुलित रखने में परेशानी होती है, लिखते समय समस्या होना, भोजन करने में समस्या, गंभीर मामलों में मल मूत्र संबंधी समस्याएं उत्पन्न होना, कमजोरी होना, सुन्नपन या झुनझुनी आने जैसी चीजों से इस बीमारी को पहचाना जा सकता है। साथ ही अगर आपकी पीठ, कमर या फिर गर्दन में दर्द या फिर किसी तरह की जकड़न महसूस होती है, तो इन्हें भी इस बीमारी के लक्षण के तौर पर देखा जाता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
अगर आपकी रीढ़ की हड्डी में भी दर्द हो रहा है, तो आप इसके लिए कई बचाव कर सकते हैं। हम जब कुर्सी पर बैठ जाते हैं, तो धीरे-धीरे करके टेढे हो जाते हैं या फिर काफी देर तक बैठे ही रहते हैं। लेकिन इसकी जगह पर आपको कुर्सी पर हमेशा सीधे अपनी पीठ सटा कर बैठना चाहिए। साथ ही थोड़ी-थोड़ी देर में उठते रहना चाहिए। अगर आप काफी देर तक गाड़ी चलाते हैं, तो आपको अपनी पीठ को किसी तकिये के जरिए सहारा देना चाहिए। रोज व्यायाम करना चाहिए। कंप्यूटर पर काम करते समय आगे की तरफ झुकने की जगह अपने कंप्यूटर के मॉनिटर को सीधा रखें, ताकि इस समस्या से आप खुद का बचाव कर सकें।

नोट: यह सलाह केवल आपको सामान्य जानकारी प्रदान करने के लिए दी गई है। आप किसी भी चीज का सेवन या कोई भी घरेलू उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
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