फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इन शहरों में प्रेग्नेंट महिलाओं को नहीं रहना चाहिए

Sat, 20 Jan 2018 10:43 AM IST
रुपायन, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
pregnant women
प्रदूषण की वजह से सेहत संबधी कई समस्याएं होती हैं। इस पर कई शोध भी हुए हैं। हाल ही में हुए एक शोध के मुताबिक, प्रेग्नेंसी के दौरान यदि महिलाएं प्रदूषण की चपेट में आती हैं, तो उनके बच्चे कम वजन के पैदा होते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
pregnant woman
इस अध्ययन को इंडियन काउंसिल मेडिकल रिसर्च द्वारा किया गया है। इस अध्ययन के लिए तमिलनाडु के शहरी और ग्रामीण इलाकों की 1,285 गर्भवती महिलाओं को चुना गया था। अध्ययन बताता है कि प्रदूषण के प्रभाव से नवजात शिशु के वजन में कमी होती है।
विज्ञापन

3 of 5
pregnant woman
अध्ययन की प्रमुख कल्पना बालकृष्णनन कहती हैं, 'भारत में यह बहुत ही आम है, जो कि वायु में बढ़ते प्रदूषण के कारण होता है। नवजात शिशुओं में कम वजन होना स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत ही गंभीर मामला है और यह नवजात शिशु के स्वास्थ्य पर खराब असर डालता है। 

4 of 5
इस इंजेक्शन से तीन माह तक प्रेगनेंसी रोकने का दावा किया गया है।
अध्ययन के नतीजे वायु की गुणवत्ता को तुरंत सुधारने की आवश्यकता पर बल देते हैं ताकि गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को इसके प्रभावों से बचाया जा सके।

(अगली स्लाइड में जानें सबसे प्रदूषित हवाओं वाले देश के शीर्ष 10 शहर कौन-कौन से हैं)
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
air pollution
एयर क्वॉलिटी इंडेक्स, 2018 के अनुसार, कानपुर, गाजियाबाद और मोरादाबाद में हवा जहरीली है। वहीं, आगरा, पटना, लखनऊ, नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक में हवा की गुणवत्ता बदतर।

यानी दिल्ली-एनसीआर (गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम) में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें