फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वाइन फ्लू का बढ़ रहा खतरा: बढ़ते मामलों के बीच डॉक्टरों की चेतावनी, लक्षण दिखने पर न करें ये गलती

Wed, 26 Aug 2026 03:27 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Symptoms of Swine Flu : दिल्ली समेत कई जगहों पर स्वाइन फ्लू कहर बरपा रहा है। ऐसे में अगर आपको भी अपने शरीर में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिख रहे हैं तो आपको एक गलती करने से बचना चाहिए। यहां हम आपको उसी की जानकारी देंगे। 
विज्ञापन
1 of 8
स्वाइन फ्लू के लक्षण - फोटो : AI
Symptoms of Swine Flu : मौसम में बदलाव के साथ बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द और शरीर में दर्द जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं। ऐसे में कई लोग फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां लेना शुरू कर देते हैं। खासतौर पर एंटीबायोटिक को लेकर लोगों में यह गलतफहमी रहती है कि इसे लेने से फ्लू जल्दी ठीक हो जाएगा। हालांकि, ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है। 

दरअसल, दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में इन दिनों स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। स्वाइन फ्लू एक वायरल संक्रमण है और एंटीबायोटिक दवाएं वायरस पर काम नहीं करती हैं। इसलिए केवल अपने शरीर में स्वाइन फ्लू के लक्षण देखकर खुद से एंटीबायोटिक लेना सही नहीं है। ऐसा क्यों नहीं करना चाहिए, यहां हम इसी बारे में आपसे बात करेंगे। 

 
विज्ञापन

2 of 8
स्वाइन फ्लू के लक्षण - फोटो : AI
सबसे पहले जानें कि स्वाइन फ्लू क्या है?

स्वाइन फ्लू इन्फ्लुएंजा वायरस से होने वाला एक संक्रामक श्वसन संक्रमण है। इसे एच1एन1 इन्फ्लुएंजा भी कहा जाता है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने से फैल सकता है। इस संक्रमण में ज्यादातर लोगों को फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। कुछ मामलों में बीमारी हल्की रहती है और मरीज आराम तथा उचित देखभाल से ठीक हो जाता है, जबकि कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में संक्रमण गंभीर भी हो सकता है।

 
विज्ञापन

3 of 8
स्वाइन फ्लू के लक्षण - फोटो : AI
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण

स्वाइन फ्लू के लक्षण कई बार अचानक दिखाई दे सकते हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
  • तेज बुखार
  • लगातार खांसी
  • गले में खराश
  • सिरदर्द
  • शरीर और मांसपेशियों में दर्द
  • ठंड लगना
  • बहुत ज्यादा थकान
  • नाक बहना या नाक बंद होना
  • कमजोरी और बेचैनी
  • कुछ मामलों में उल्टी या मतली

हर व्यक्ति में सभी लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है।

 

4 of 8
स्वाइन फ्लू के लक्षण - फोटो : AI
स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखने पर ये गलती भूल से भी न करें

अब जान लें कि डॉक्टर स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखने पर एंटीबायोटिक दवा लेने से क्यों मना कर रहे हैं। दरअसल, स्वाइन फ्लू वायरस की वजह से होता है। वहीं एंटीबायोटिक दवाएं बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। इसलिए वायरल फ्लू में खुद से एंटीबायोटिक लेने का कोई फायदा नहीं होता। 

बिना जरूरत एंटीबायोटिक लेने से शरीर में दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है। भविष्य में जब वास्तव में बैक्टीरियल संक्रमण के लिए एंटीबायोटिक की जरूरत पड़े, तब दवा कम प्रभावी हो सकती है। ऐसे में खुद से कोई भी दवा लेने से बचें। 

 
विज्ञापन

5 of 8
स्वाइन फ्लू के लक्षण - फोटो : AI
स्वाइन फ्लू का सही इलाज क्या है?

स्वाइन फ्लू का इलाज मरीज की उम्र, स्वास्थ्य और लक्षणों की गंभीरता के आधार पर किया जाता है। हल्के लक्षणों वाले मरीजों को पर्याप्त आराम करने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी जाती है। बुखार और शरीर में दर्द जैसी परेशानी के लिए डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार दवा बता सकते हैं। गंभीर मामलों या अधिक जोखिम वाले मरीजों में डॉक्टर एंटीवायरल दवा देने का फैसला कर सकते हैं।

 
विज्ञापन

6 of 8
स्वाइन फ्लू के लक्षण - फोटो : AI
किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है?

कुछ लोगों में फ्लू के गंभीर होने का खतरा अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। इनमें:
 
  • छोटे बच्चे
  • बुजुर्ग
  • गर्भवती महिलाएं
  • कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग
  • लंबे समय से किसी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति

शामिल हो सकते हैं। ऐसे लोगों में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से जल्द सलाह लेना बेहतर होता है।

 
विज्ञापन

7 of 8
स्वाइन फ्लू के लक्षण - फोटो : AI
कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?

अगर बुखार और खांसी के साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी, लगातार हालत बिगड़ना या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।

 
विज्ञापन

8 of 8
स्वाइन फ्लू के लक्षण - फोटो : AI
स्वाइन फ्लू से बचने के तरीके

स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोना, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकना तथा बीमार व्यक्ति के बहुत करीब जाने से बचना जरूरी है। खुद बीमार होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और दूसरों से संक्रमण फैलने का खतरा कम करें।  

----------------------

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें