सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को होने वाली समस्याएं
- फोटो : ANI
धरती पर लौटने के बाद अंतरिक्ष यात्रियों को क्या दिक्कतें होती हैं?
मेडिकल रिपोर्टस से पता चलता है माइक्रोग्रैविटी के बाद दोबारा से गुरुत्वाकर्षण में आने के बाद थकान, चलने में कठिनाई होने के साथ और शरीर का बैलेंस बनाए रखना किसी चुनौती से कम नहीं होता। इसके अलावा माइक्रोग्रैविटी में, मांसपेशियां उस तरह से भार सहन नहीं कर पातीं, जैसा कि वे पृथ्वी पर करती हैं। इसके परिणामस्वरूप, अगले कुछ महीनों तक सुनीता को मसल्स अटॉर्फी की दिक्कत भी हो सकती है। मसल्स अटॉर्फी में मांसपेशी के ऊतकों का क्षय हो जाता है और ये बहुत पतले हो जाते हैं।
वापस लौटने के बाद विलियम्स और विल्मोर को अपनी मांसपेशियां कमजोर लग सकती हैं, जिससे खड़े होना, चलना और संतुलन बनाना शुरू में काफी मुश्किल हो सकता है।