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Summer Side Effects: बढ़ती गर्मी हो सकती है जानलेवा, इस एक गलती की वजह से बढ़ सकता है ब्लड क्लॉटिंग का खतरा

Mon, 22 May 2023 06:18 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गर्मी के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : istock
इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है। कई शहरों में दिन का तापमान 45 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं सभी लोगों को इस मौसम में सेहत के विशेष देखभाल की आवश्यकता है। तेज गर्मी और धूप के कारण कई घातक दुष्प्रभाव हो सकते हैं। अगर इस मौसम में शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो यह जानलेवा स्थितियों का कारण बन सकती है। डिहाइड्रेशन की गंभीर स्थिति में शरीर में ब्लड क्लॉटिंग का खतरा बढ़ते देखा गया है।

डॉक्टर्स का कहना है न सिर्फ इस गर्मी से बचाव के उपाय करते रहना जरूरी है, साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि शरीर में पानी की कमी न होने पाए। गर्मी और डिहाइड्रेशन के कारण दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारी सेरेब्रल वेनस साइनस थ्रोम्बोसिस और नसों में ब्लड क्लॉटिंग की समस्या- डीप वेन थ्रंबोसिस की समस्या होने का जोखिम हो सकता है।

गर्मी के दिनों में होने वाली इस तरह की दिक्कतों से बचाव को लेकर सावधानी बरतें। 
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रक्त के थक्के बनने की समस्या - फोटो : Pixabay
गर्मी के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर के निर्जलित होने की स्थिति में आपका रक्त गाढ़ा/अधिक चिपचिपा और आपकी रक्त वाहिकाएं संकरी हो जाती हैं। इससे आपका सामान्य परिसंचरण प्रभावित हो जाता है। इसके अलावा रक्त के थक्के बनने को गंभीर चिकित्सा समस्या माना जाता है, जिसके कारण हृदय की गंभीर समस्याओंं जोखिम हो सकता है।

वैसे तो इसके कई कारण हो सकते हैं पर गर्मी के दिनों में शरीर में पानी कम होने की वजह से इसका जोखिम बढ़ जाता है।
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क्लॉटेड नसों में सूजन की समस्या - फोटो : iStock
क्या कहते हैं डॉक्टर्स?

अमर उजाला से बातचीत में पुणे स्थित एक निजी अस्पताल में इंटेंसिव केयर के डॉक्टर नागेंद्र एन. कपूर कहते हैं, गर्मी के दिनों में डिहाइड्रेशन की समस्या काफी आम है, यह रेड बल्ड सेल्स कॉन्संट्रेशन (हेमटोक्रिट) का कारण हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप लाल रक्त कोशिकाएं और प्लेटलेट्स एकत्रित होने लग जाते हैं, जो रक्त के थक्कों का कारण बन सकती है। रक्त के थक्के संभावित रूप से स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा देते हैं, जिसे जानलेवा समस्या माना जाता है। 

इसके अलावा गर्मी के दिनों में सेरेब्रल वेनस साइनस थ्रॉम्बोसिस का जोखिम भी बढ़ जाता है जो स्ट्रोक के समान ही खतरनाक मानी जाती है। इस स्थिति में क्लॉटेड नसों में सूजन हो जाती है, जो घातक साबित हो सकती है।
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गर्मी से करें बचाव - फोटो : istock
बचाव के उपाय करते रहना बहुत आवश्यक

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गर्मी के दिनों में इस तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव किया जाना चाहिए। बस इसके लिए आपको एक बात का ध्यान रखना सबसे आवश्यक है कि शरीर में पानी की कमी न होने पाए। प्रतिदिन 2-3 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। इसके अलावा गर्मी से शरीर को सुरक्षित रखने पर भी विशेष ध्यान देते रहें।
  • अपनी त्वचा को धूप से बचाएं, दिन के समय घर से बाहर न निकलें।
  • हीटस्ट्रोक से बचाव के उपायों का पालन करें।
  • हल्के रंग के और सूती कपड़े पहनें।
  • हल्का भोजन करें।
  • तरल पदार्थों का सेवन अधिक मात्रा में करें


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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