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Health Tips: नींद में अचानक शिशु की जा सकती है जान, जानें कारण और बचाव के उपाय

Thu, 24 Nov 2022 07:00 AM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सडन इंफेंट डेथ सिंड्रोम के बारे में जानें - फोटो : pixabay
Sudden Infant Death Syndrome Causes Symptoms in Hindi :- नवजात शिशु को खास देखभाल की जरूरत होती है। हालांकि नींद में अचानक नवजात शिशु की मृत्यु के मामले माता पिता के लिए भी गंभीर समस्या हैं। मां बाप जान ही नहीं पाते कि बच्चे के साथ यह हादसा क्यों और कैसे हो गया। नींद में नवजात की मौत को सडन इंफेंट डेथ सिंड्रोम कहा जाता है। नींद में नवजात की अचानक मौत यानी एसआईडीएस को मेडिकल टर्म में क्रिब डेथ भी कह सकते हैं। इस तरह की मौत का सही कारण पता नहीं चल पाया है। लेकिन अध्ययनों और विशेषज्ञों के मुताबिक क्रीब डेथ शिशु के मस्तिष्क के कारण होती है। मस्तिष्क का एक हिस्सा नींद में सांस लेने और उत्तेजना को नियंत्रित करता है, जो नवजात की अचानक नींद में मौत की वजह बन सकता है।

एसआईडीएस के कारणों का पता लगाने के लिए कई शोध किए गए, जिसमें पाया गया कि यह स्थिति नवजात के लिए खतरा है। शोधकर्ताओं ने एसआईडीएस से बचाव के लिए उपायों के बारे में भी जानकारी दी। अगर आपका भी छोटा बच्चा है और उसे सुलाने के लिए आप पालने पर लिटाती हैं तो सडन इंफेंट डेथ सिंड्रोम और इसके बचाव के बारे में जानें।
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एसआईडीएस क्या है - फोटो : Pixabay
क्या है एसआईडीएस

विशेषज्ञ मानते हैं कि एसआईडीएस नवजात में एक तरह का मस्तिष्क दोष है, जो पैदा होने के साथ ही हो सकता है। ऐसे में इस कारण से बच्चे की मौत की संभावना अधिक होती है। शिशु के मस्तिष्क का वह हिस्सा जो नींद में सांस लेने या उत्तेजना को नियंत्रित करने का काम करता है, जब ठीक से काम नहीं करता तो एसआईडीएस की स्थिति बनती है।
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सडन इंफेंट डेथ सिंड्रोम का कारण - फोटो : pixabay
एसआईडीएस का कारण
 
  • मस्तिष्क दोष के अलावा जब बच्चे का प्रीमैच्योर बर्थ होता है, तो नवजात का मस्तिष्क पूरी तरह के परिपक्व नहीं हो पाता। ऐसे में सांस लेने और हृदय गति जैसी स्वचालित प्रक्रिया अनियंत्रित हो जाती हैं और एसआईडीएस की संभावना बढ़ जाती है।
  • एक रिपोर्ट के मुताबिक, एसआईडीएस से मरने वाले शिशुओं को सर्दी हुई थी, जिसके कारण सांस लेने में समस्या पैदा हुई। ऐसे में श्वसन संक्रमण की वजह से भी एसआईडीएस की संभावना हो सकती है।

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सडन इंफेंट डेथ सिंड्रोम का कारण - फोटो : new born
  • बच्चा जहां सोता है, वहां मौजूद चीजें या सोने की स्थिति उसमें शारीरिक समस्याओं को बढ़ाती हैं और क्रीब डेथ का खतरा बढ़ सकता है।
  • जो बच्चे पेट के बल या बाजू की करवट लेकर सोते हैं, उन्हें सांस लेने में अधिक कठिनाई हो सकती है। इससे भी शिशुओं में एसआईडीएस का खतरा हो सकता है।
  • सोते समय किसी गलत स्थिति की वजह अगर शिशु का श्वसन मार्ग अवरूद्ध होता है तो भी नींद में अचानक मौत होने की संभावना रहती है।
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एसआईडीएस से बचाव - फोटो : pixabay
एसआईडीएस से बचाव
 
  • शिशु के नींद में अचानक निधन की आशंका से बचने के लिए नवजात को पीठ के बल ही सुलाएं। बच्चे की स्लीप पोजीशन सही होनी चाहिए।
  • अगर बच्चा पालने में सोता है तो उसमें कोई खिलौना या कपड़ा ना रखें। पालने में मजबूत गद्दा बिछाएं। मोटी रजाई, चादर ये बच्चे को न ढकें।
  • एक रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम 6 महीने नवजात को मां का दूध पिलाने से क्रीब डेथ की आशंका कम होती है। 
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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