गर्भावस्था के दौरान सेहत का ध्यान रखना, गर्भवती और शिशु दोनों कि लिए बहुत जरूरी होता है। इस दौरान की गई कोई भी चूक दोनों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। इसी से संबंधित हाल ही में हुए एक अध्ययन में विशेषज्ञों ने बताया कि जो महिलाएं प्लास्टिक में पाए जाने वाले एंडोक्राइन-डिस्रप्टिंग रसायनों के संपर्क में ज्यादा रहती हैं उन्हें प्रसव के बाद डिप्रेशन का खतरा बहुत ज्यादा होता है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि ये हानिकारक रसायन गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलाव को प्रभावित कर सकते हैं। आइए जानते हैं कहीं आप भी तो ऐसे रसायनों के संपर्क में नहीं हैं? जिससे भविष्य में आपको इस तरह की समस्याओं का खतरा होने की आशंका हो सकती है।