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Health Tips: हफ्तेभर में ही टूटने लगा है न्यू ईयर रेजोल्यूशन? संकल्प पूरा करने के लिए क्या जरूरी है?

Sat, 10 Jan 2026 01:25 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

New Year Resolution Tips:  नए साल में बहुत से लोग उत्साह में आकर कई तरह के संकल्प लेते हैं, मगर ध्यान देने वाली बात यह है कि ज्यादातर लोग उस रेजोल्यूशन पर सप्ताह फर भी अमल नहीं कर पाते हैं। अगर आपने भी न्यू ईयर में कुछ  रेजोल्यूशन लिया है, तो ये लेख आपको जरूर पढ़ना चाहिए। 
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New Year Resolution - फोटो : Amar Ujala
New Year Resolution 2026:  नया साल शुरू होते ही हम सभी बड़े उत्साह के साथ खुद को बदलने का संकल्प लेते हैं, चाहे वह जिम जाना हो, चीनी छोड़ना हो या हर सुबह जल्दी उठना। मगर कुछ ही दिनों में 'न्यू ईयर रेजोल्यूशंस' जनवरी के दूसरे हफ्ते तक पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ देते हैं। यह केवल आपकी इच्छाशक्ति की कमी नहीं है, बल्कि हमारे मस्तिष्क की कार्यप्रणाली और आदतों को बदलने के गलत तरीके का परिणाम है। 

जब हम अचानक अपनी वर्षों पुरानी जीवनशैली को रातों-रात बदलने की कोशिश करते हैं, तो हमारा शरीर और मन उसका विरोध करने लगते हैं। यह मुद्दा केवल एक तारीख का नहीं है, बल्कि हमारे मानसिक स्वास्थ्य और आत्म-विश्वास से जुड़ा है। 

हर बार संकल्प लेकर उसे बीच में छोड़ देने से 'सेल्फ-गिल्ट' (आत्म-ग्लानि) बढ़ती है, जो अंत में हमें सुधार की कोशिश करने से भी रोक देती है। अगर आप भी इस हफ्ते अपने संकल्प से डगमगा रहे हैं, तो यह समझने का सही समय है कि स्थायी बदलाव के लिए केवल मोटिवेशन नहीं, बल्कि एक सही रणनीति की जरूरत होती है।
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टालमटोल करना - फोटो : Adobe Stock
क्या हो रहा है आपके साथ?
हफ्तेभर बाद उत्साह कम होने पर अक्सर ये स्थितियां दिखाई देती हैं-
  • पहले कुछ दिन जरूरत से ज्यादा मेहनत करने के कारण शरीर और दिमाग थक जाता है।
  • एक दिन चूक जाने पर 'सब खत्म हो गया' वाली मानसिकता हावी हो जाती है।
  • पुरानी आरामदायक आदतें (जैसे देर से उठना) नए संकल्पों पर भारी पड़ने लगती हैं।
  • दूसरों को देखकर बनाया गया संकल्प निजी जुड़ाव की कमी के कारण फीका पड़ जाता है।
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टालमटोल - फोटो : Adobe Stock
ये संकल्प क्यों टूट जाते हैं?
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, संकल्प टूटने के पीछे ये मुख्य कारण होते हैं-
  • एक ही महीने में 10 किलो वजन घटाने जैसे असंभव लक्ष्य तय करना।
  • अक्सर लोग ये मानसिकत बनाकर चलते हैं कि 'सब या कुछ नहीं'। मतलब छोटी गलती होने पर पूरे संकल्प को ही त्याग देते हैं, जो की गलत है।
  • 'स्वस्थ होना है' तो कह दिया, लेकिन उसे कैसे और कब करना है, इसका कोई रोडमैप तैयार नहीं किया।
  • किसी साथी या मेंटर के बिना खुद को जवाबदेह रख पाना मुश्किल होता है।
 
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टालमटोल - फोटो : Adobe Stock
संकल्प पूरा न होने का भविष्य पर क्या असर होगा?
अगर हम बार-बार हार मानते हैं, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं-
  • बार-बार की असफलता से 'लो सेल्फ-एस्टीम' और तनाव की समस्या बढ़ती है।
  • लाइफस्टाइल बीमारियां (जैसे डायबिटीज) संकल्प टालने की आदत से और गंभीर हो सकती हैं।
  • धीरे-धीरे हर काम को टालने की आदत आपके करियर और रिश्तों को प्रभावित करने लगती है।
  • भविष्य में आप नए और जरूरी बदलाव करने की हिम्मत खो देते हैं।
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दौड़ना - फोटो : Adobe Stock
संकल्प को 'सफलता' में कैसे बदलें?
रेजोल्यूशन को पूरा करने के लिए उसे 'पहाड़' नहीं बल्कि 'सीढ़ी' की तरह देखें। बड़े बदलाव के बजाय 'माइक्रो-हैबिट्स' (छोटी आदतों) पर ध्यान दें। अगर जिम नहीं जा पा रहे, तो घर पर 10 मिनट टहलें। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमें याद दिलाती है कि गिरकर संभलना ही असली प्रगति है। आज से ही अपनी गलतियों को माफ करें और छोटे-छोटे कदम उठाएं। 

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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