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Stress: अधिक मानसिक तनाव लेने से शरीर में होते हैं नकारात्मक बदलाव, कहीं आप भी न कर रहें ये गलतियां

Wed, 20 Aug 2025 06:45 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मानसिक तनाव लेने से आपके शरीर में कई नकारात्मक बदलाव होते हैं। अक्सर लोग इन चीजों को समझ नहीं पाते हैं और वो परेशान रहते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं कि मानसिक तनाव से आपके संपूर्ण स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?
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तनाव लेना - फोटो : Freepik.com
Effects of Stress on Body: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक तनाव एक सामान्य समस्या बन चुकी है। काम का दबाव, पारिवारिक समस्याएं या भविष्य की चिंता ये सब मिलकर हमें मानसिक रूप से थका देते हैं। लेकिन बहुत से लोग यह नहीं जानते कि मानसिक तनाव सिर्फ हमारे दिमाग को ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर को प्रभावित करता है। जब हम तनाव में होते हैं तो हमारा शरीर 'फाइट या फ्लाइट' मोड में चला जाता है, जिससे कुछ खास हार्मोन, जैसे कॉर्टिसोल और एड्रेनालाईन, रिलीज होते हैं। इन हार्मोनों के कारण दिल की धड़कन तेज हो जाती है, ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और शरीर की ऊर्जा आपकी समस्या से लड़ने के लिए तैयार हो जाती है।

अगर यह तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो यह हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। यह न केवल हमारे मूड को प्रभावित करता है, बल्कि हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालता है। आइए इस लेख में इसी के बारे जानते हैं कि मानसिक तनाव से शरीर में क्या-क्या प्रमुख बदलाव होते हैं और इनसे कैसे बचा जा सकता है।
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तनाव, स्ट्रेस - फोटो : Freepik.com
पाचन तंत्र पर नकारात्मक असर
तनाव का सीधा असर हमारे पाचन तंत्र पर पड़ता है। तनाव के दौरान कॉर्टिसोल जैसे हार्मोन पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ाते हैं, जिससे एसिडिटी, पेट में जलन और अपच की समस्या हो सकती है। यह पाचन क्रिया को धीमा कर सकता है, जिससे कब्ज या दस्त जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

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ब्लड प्रेशर - फोटो : Freepik.com
ब्लड प्रेशर और हृदय पर प्रभाव
लगातार तनाव में रहने से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, जिससे हृदय संबंधित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। तनाव की वजह से हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जो गंभीर हृदय रोगों का कारण बन सकता है।

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नींद की गुणवत्ता में कमी - फोटो : Adobe Stock
नींद की गुणवत्ता में कमी
तनाव और नींद का गहरा संबंध है। जब हम तनाव में होते हैं, तो हमारा दिमाग लगातार सक्रिय रहता है, जिससे सोने में दिक्कत होती है। दरअसल तनाव की वजह से रात में भी कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ा रह सकता है, जिससे नींद नहीं आती है और अगर आती भी है तो नींद की गुणवत्ता खराब होती है। पर्याप्त नींद न मिलने से शरीर और दिमाग दोनों थके रहते हैं, जिससे और भी कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
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इम्युनिटी खराब होना - फोटो : Adobe stock photos
इम्यून सिस्टम का कमजोर होना
लंबे समय तक तनाव में रहने से इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाती है। मानसिक तनाव की वजह से शरीर में बन रहा है कॉर्टिसोल हार्मोन संक्रमण से लड़ने की क्षमता को कम कर सकता है, जिससे आप आसानी से बीमार पड़ सकते हैं। कई बार अधिक तनाव लेने से इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है, जिसकी वजह से हमें बार-बार सर्दी-जुकाम या वायरल इंफेक्शन जैसी बीमारियां हो सकती हैं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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