Stomach Care Tips: गर्मी और बारिश के मौसम में पेट खराब होना सबसे कॉमन दिक्कत है। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि ऐसे समय में क्या खाना चाहिए, आज हम इसी बारे में बात करेंगे।
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पेट खराब होने पर मूंग दाल क्यों खाई जाती है?
- फोटो : AI
Stomach Care Tips: पेट खराब होने पर डॉक्टर और घर के बड़े अक्सर मूंग दाल खाने की सलाह देते हैं लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर पेट की समस्या होने पर मूंग दाल को ही सबसे बेहतर विकल्प क्यों माना जाता है?
दरअसल, दस्त, अपच, गैस या पेट दर्द जैसी समस्याओं के दौरान शरीर को ऊर्जा और जरूरी पोषण की आवश्यकता होती है, जिसे मूंग दाल आसानी से पूरा करने में मदद कर सकती है। इसके साथ-साथ मूंग दाल कमजोर पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालती।
हालांकि, यदि पेट की समस्या लंबे समय तक बनी रहे या तेज बुखार, खून की शिकायत या लगातार उल्टी जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। आइए जानते हैं कि पेट खराब होने पर मूंग दाल खाने के पीछे क्या वजह है और इसे किस तरह खाना सबसे फायदेमंद हो सकता है।
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पेट खराब होने पर मूंग दाल क्यों खाई जाती है?
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पेट खराब होने पर मूंग दाल क्यों खानी चाहिए?
1. आसानी से पच जाती है
मूंग दाल को सबसे हल्की दालों में से एक माना जाता है। इसमें मौजूद प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट शरीर द्वारा अपेक्षाकृत आसानी से पचाए जा सकते हैं। जब पेट खराब होता है, तब पाचन तंत्र पहले से ही संवेदनशील होता है। ऐसे में भारी या अधिक मसालेदार भोजन करने से समस्या बढ़ सकती है। मूंग दाल पेट पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालती और पाचन प्रक्रिया को अपेक्षाकृत सहज बनाए रखने में मदद करती है। यही वजह है कि डॉक्टर और डाइट एक्सपर्ट भी पेट संबंधी समस्याओं के दौरान सादी मूंग दाल या मूंग दाल की खिचड़ी खाने की सलाह देते हैं।
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2. प्रोटीन का अच्छा स्रोत
दस्त, उल्टी या लंबे समय तक पेट खराब रहने पर शरीर में कमजोरी महसूस हो सकती है। ऐसे समय में शरीर को रिकवरी के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है। मूंग दाल पौधों से मिलने वाले प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, जो शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत और मांसपेशियों को ऊर्जा देने में मदद करता है। इसके साथ ही इसमें फोलेट, मैग्नीशियम, पोटैशियम और आयरन जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जो शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं। कम मसालों में बनी मूंग दाल पोषण और पाचन, दोनों के लिहाज से अच्छा विकल्प मानी जाती है।
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3. पेट को आराम देती है
पेट खराब होने पर सादा और हल्का भोजन करना सबसे बेहतर माना जाता है। मूंग दाल की पतली दाल या मूंग दाल की खिचड़ी न केवल आसानी से पचती है, बल्कि पेट को आराम भी पहुंचाती है। इसमें अधिक तेल और मसाले न होने के कारण पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता। यदि इसे चावल के साथ खिचड़ी के रूप में बनाया जाए, तो यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ आवश्यक पोषक तत्व भी उपलब्ध कराती है। यही कारण है कि बीमारी के दौरान रिकवरी डाइट में मूंग दाल को अक्सर शामिल किया जाता है।
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4. गैस और अपच की संभावना कम
चना, राजमा, छोले या उड़द दाल जैसी कुछ दालें कई लोगों में गैस और पेट फूलने की समस्या बढ़ा सकती हैं। इसके मुकाबले मूंग दाल अपेक्षाकृत हल्की मानी जाती है और इससे गैस बनने की संभावना कम होती है, खासकर जब इसे अच्छी तरह पकाकर कम मसालों के साथ खाया जाए। पेट खराब होने के दौरान गैस और अपच की समस्या से बचना जरूरी होता है, इसलिए मूंग दाल एक बेहतर विकल्प मानी जाती है। हालांकि, यदि किसी व्यक्ति को मूंग दाल से भी असहजता महसूस होती है या पेट की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन से सलाह लेना उचित रहेगा।
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इन बातों का रखें ध्यान
ज्यादा तेल और मसालों का इस्तेमाल न करें
पर्याप्त पानी और ORS लेते रहें
बाहर का खाना और तली-भुनी चीजों से बचें
अगर दस्त या उल्टी लंबे समय तक बनी रहे तो डॉक्टर से संपर्क करें
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।