भारत में भले ही कोरोना संक्रमण के दैनिक मामले फिलहाल कम हों, पर दुनिया के कई देशों में ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट के कारण हालात फिर से बिगड़ते हुए देखे जा रहे हैं। चीन, दक्षिण कोरिया, हांगकांग और यूरोप के कुछ हिस्से मौजूदा समय में ओमिक्रॉन के सब-वेरिएंट BA.2 ('स्टील्थ' ओमिक्रॉन) की चपेट में हैं। यहां रोजाना सामने आ रहे कोरोना के मामले विशेषज्ञों की चिंता बढ़ाने वाले हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि स्टील्थ' ओमिक्रॉन मूल ओमिक्रॉन वैरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक हो सकता है, ऐसे में सभी लोगों को इससे बचाव के उपायों को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। वैसे तो इस वैरिएंट से संक्रमितों में लक्षण हल्के ही देखे जा रहे हैं, हालांकि जिस तरह से इसकी संक्रामकता दर है वह काफी चिंता बढ़ाने वाली है।
स्टील्थ ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के साथ एक सवाल अब भी लोगों के मन में है। क्या जो लोग तीसरी लहर के दौरान ओमिक्रॉन से संक्रमित रह चुके हैं, उनमें भी इस वैरिएंट से संक्रमण का खतरा हो सकता है? इसी संबंध में हाल ही में अध्ययनकर्ताओं ने बड़ा दावा किया है। आइए आगे की स्लाइडों में इस अध्ययन के बारे में विस्तार से जानते हैं। क्या जो लोग ओमिक्रॉन से संक्रमित रह चुके हैं उन्हें इसके सब-वेरिएंट BA.2 से भी खतरा हो सकता है?