पुरुषों में होने वाली समस्याएं
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भारतीय पुरुषों में बढ़ रहा है इसका खतरा
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आंकड़ों के अनुसार साल 2022 में करीब 37,948 भारतीय पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर की पहचान की गई। यह इस वर्ष देश में दर्ज किए गए कैंसर के 14 लाख नए मामलों का लगभग तीन प्रतिशत है। अमेरिका में प्रोस्टेट कैंसर के 80 प्रतिशत रोगियों में बीमारी का पता शीघ्र चल जाता है जबकि यहां देर से निदान के मामले 20 प्रतिशत ही हैं। भारत में इस दिशा में विशेष सुधार की जरूरत है।
दिल्ली स्थित एक अस्पताल में ‘मेडिकल ऑन्कोलॉजी’ विभाग के प्रमुख डॉ. आशीष गुप्ता ने भारतीय पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के बढ़ते मामलों को लेकर कहा, प्रारंभिक अवस्था में पता लगने से कैंसर रोगियों के जीवित रहने की दर में वृद्धि हो सकती है। भारत में सबसे बड़ी समस्या है इसका देर से पता लगना।
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स्रोत और संदर्भ
An at-home spit test could help diagnose prostate cancer
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