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जाड़े में बढ़ सकती हैं पैरों की समस्या, इन उपायों पर दें ध्यान

Wed, 18 Dec 2019 04:16 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
सर्दियों की मार हमारी त्वचा को भरपूर झेलनी पड़ती है। सबसे ज्यादा ठंडी हवा हमारे पैरों को प्रभावित करती है। ऐसे में पैरों की सुंदरता को बरकरार रखने के लिए थोड़ी सी सावधानी जरूरी है। बलरामपुर अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एमएच उस्मानी का कहना है कि  मौसम कोई सा भी हो हमें अपने पैरों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। खासकर यदि कोई संक्रमण जैसी चीजें हो तो कतई लापरवाही न बरतें तुरंत डॉक्टर से मिलें।
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डॉक्टर एमएच उस्मानी - फोटो : अमर उजाला
जहां तक बात ठंड की है तो इन दिनों सबसे आम समस्या है त्वचा का रूखा हो जाना। रूखापन के कारण खुजली होती है और उसे खुजाने से बढ़ती जाती है। ऐसे में सबसे पहली जरूरी चीज है त्वचा को नम रखें। इसके लिए मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करें। यदि मॉइश्चराइजर नहीं खरीद सकते तो नारियल तेल लगाएं, पर लगाना जरूरी है।

 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
गुनगुने पानी से करें स्नान
ठंड में लोग नहाना बंद कर देते हैं। नहाने से त्वचा को मिलने वाला मॉश्चराइजर भी बंद हो जाता है। इसलिए जरूरी है कि नहाना बंद न करें। दूसरी महत्वपूर्ण बात है कि न तो बहुत ठंडे पानी से नहाएं न ही बहुत गर्म पानी से। हमारे शरीर का तापमान 27 डिग्री के आसपास होता है, पानी का तापमान भी इसी के बराबर होना चाहिए। यानी गुनगुने पानी से ही नहाएं। कई बार ऐसा होता है कि ठंड के कारण अंगुलियां नीली पड़ जाती हैं। यदि हाथ-पैरों की अंगुलियां नीली पड़ने लगे तो पांच-पांच मिनट गुनगुने पानी में हाथ डालकर सिंकाई करें।

 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
मोजे पहनें पर दो घंटे पैर खुले रखें
सर्दियों में ठंड से बचने के लिए जितना जरूरी है स्कार्फ, कैप, दास्तानें उतने ही जरूरी हैं मोजे पहनना। इसे पैरों में लगी क्रीम के साथ धूलमिट्टी भी नहीं चिपकेगी। कई बार ऐसा होता है कि लोगों को मोजे पहनने से पसीना आता है। ध्यान रखें कि  24 घंटे में 22 घंटे ही मोजे पहनें, दो घंटे के लिए पैर खुले रखें और हवा लगने दें। दरअसल पैरों में हवा लगना भी जरूरी है। दूसरी महत्वपूर्ण बात है कि सर्दियों में कौन धोए, सोचकर लोग कई-कई दिन तक मोजे धोते नहीं। जरूरी है कि मोजे रोज धुले हुए ही पहनें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
ये भी जानें
त्वचा को जानना व समझना जरूरी है। शरीर में सूजन व दर्द का सबसे पहला लक्षण त्वचा पर ही दिखता है। आमतौर पर त्वचा की समस्याओं को हम शरीर की अंदरूनी समस्याओं से जोड़कर नहीं देखते। त्वचा पर पड़ने वाले रैशेज कई बीमारियों का संकेत देते हैं। आमतौर पर हार्मोन में बदलाव के कारण त्वचा में बदलाव होता है। यदि आप भी चाहते हैं कि आपकी त्वचा असमय बूढ़ी न हो तो आपको स्वस्थ जीवनशैली अपनाना होगा और खानपान पर ध्यान देना होगा।
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