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Eating Oil: खाने में इस्तेमाल होने वाले इस तेल से बढ़ सकती है आंतों की बीमारी, जानिए कौन सा तेल सबसे फायदेमंद?

Sat, 08 Jul 2023 07:22 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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खाना बनाने के लिए करें स्वस्थ तेल का सेवन - फोटो : istock
शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए बहुत आवश्यक है कि हम पौष्टिक चीजों का सेवन करें। पौष्टिक आहार का जिक्र होने पर अक्सर हम सभी फलों-सब्जियों के सेवन की मात्रा बढ़ाने के बारे में सोचते हैं, यह जरूरी है पर बस इतना ही पर्याप्त नहीं है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि हम खाना बनाने के लिए जिन तेलों का इस्तेमाल करते हैं उनके चयन को लेकर भी बहुत सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

रिफाइंड और खराब क्वालिटी के तेलों के कारण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के साथ इंफ्लामेशन और ब्लड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ते हुए देखा गया है।

एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि दुनियाभर में सोयाबीन के तेल का उपयोग हो रहा है, हालांकि परीक्षणों में इसे सेहत के लिए बहुत अच्छा नहीं पाया गया है। सोयाबीन ऑयल आंतों से संबंधित समस्या, इंफ्लामेटरी बाउल डिजीज (आईबीडी) को बढ़ाते हुआ देखी गई है। 
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खाद्य तेलों से होने वाले नुकसान - फोटो : Agency (File Photo)
सोयाबीन के तेल से आंतों पर असर

सोयाबीन का तेल संयुक्त राज्य अमेरिका सहित भारत और कई अन्य देशों में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला खाद्य तेल है। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इससे होने वाले दुष्प्रभावों को लेकर अलर्ट किया है। शोध में उन चूहों के आंतों की जांच की गई जिन्हें प्रयोगशाला में 24 सप्ताह तक लगातार सोयाबीन तेल से भरपूर आहार दिया गया था।

अध्ययन के परिणाम से पता चलता है कि चूहों के आंत में लाभकारी बैक्टीरिया कम हो गए और हानिकारक बैक्टीरिया बढ़ गए, जो आईबीडी और कोलाइटिस का कारण बन सकते हैं।
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इंफ्लामेटरी बाउल डिजीज का जोखिम - फोटो : iStock
लिनोलिक एसिड हो सकती है हानिकारक

जर्नल गट माइक्रोब्स में प्रकाशित इस अध्ययन में माइक्रोबायोलॉजी और प्लांट पैथोलॉजी विभाग की प्रोफेसर पूनमजोत देओल कहती हैं, हम वैश्विक स्तर पर इंफ्लामेटरी बाउल डिजीज के मामलों को बढ़ते हुए देख रहे हैं। हमारे खान-पान में गड़बड़ी को इसका एक कारण माना जा सकता है।

सोयाबीन तेल में लिनोलिक एसिड पाया जाता है जो मुख्य चिंता का विषय है। वैसे तो हमारे शरीर को भोजन से प्रतिदिन 1-2% लिनोलिक एसिड की आवश्यकता होती है, जब ज्यादार अमेरिकि लोगों में इसकी मात्रा 8-10% तक देखी गई है। इसमें से अधिकांश सोयाबीन तेल से प्राप्त हो रहा है।

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खराब तेल से पेट की समस्याएं - फोटो : Pixabay
आंतों के अलावा कई और बीमारियों का भी खतरा

शोधकर्ताओं ने बताया कि शरीर में अधिक मात्रा में लिनोलिक एसिड के कारण आंत के माइक्रोबायोम पर नकारात्मक प्रभाव हो सकता है। सोयाबीन तेल से भरपूर आहार, आंत में आक्रामक ई. कोली बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देते हुए देखा गया है। इसके अलावा, लिनोलिक एसिड के कारण आंत में कई लाभकारी बैक्टीरिया कम भी हो रहे हैं। मनुष्यों में आईबीडी के लिए ई. कोलाई को एक कारक के तौर पर देखा जाता है।

कई शोध में पाया गया है कि सोयाबीन का तेल आंतों की समस्याओं के साथ मोटापे और मधुमेह, ऑटिज्म, अल्जाइमर रोग, चिंता-अवसाद जैसी समस्याओं के जोखिमों को भी बढ़ा सकती है।
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ऑलिव ऑयल से होने वाले फायदे - फोटो : Pixabay
कौन सा तेल सुरक्षित?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अध्ययनों से पता चला है कि सेचुरेटेड फैट शरीर के लिए हानिकारक हो सकती है, इसलिए हमेशा उन्हीं तेलों का सेवन करें जिसमें इसकी मात्रा कम हो। शोध में पाया गया है कि ऑलिव ऑयल सेहत के लिए सबसे लाभकारी हो सकता है, सरसों के तेल को भी सेहत के लिए फायदेमंद प्रभावों वाला माना जाता है।

इसके साथ रिफाइंड तेलों का सेवन कम करें इससे और भी कई प्रकार की बीमारियों के बढ़ने का जोखिम हो सकता है।



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स्रोत और संदर्भ
Soybean Oil Modulates the Gut Microbiota Associated with Atherogenic Biomarkers

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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