दुनियाभर में जिन बीमारियों के कारण हर साल स्वास्थ्य क्षेत्र पर दबाव बढ़ता जा रहा है, डायबिटीज और हृदय रोग उनमें शीर्ष पर हैं। मंगलावर (26 नवंबर) को विश्व स्वास्थ्य संगठन
(डब्ल्यूएचओ) ने एक रिपोर्ट में डायबिटीज और इसके कारण होने वाली मौतों को लेकर चिंता जाहिर की है। स्वास्थ्य संगठन ने कहा, भारत सहित दक्षिण पूर्व एशिया में हर साल 482,000 से अधिक मौतें मधुमेह के कारण हो रही हैं। वैसे तो दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के देशों ने डायबिटीज के प्रबंधन की दिशा में बेहतर काम किया है, हालांकि रोकथाम को बढ़ावा देने और इस रोग को नियंत्रित करने के लिए अभी भी बेहतर कदम उठाने की आवश्यकता है।
मधुमेह और इसके जोखिमों को लेकर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक साइमा वाजेद ने कहा, डायबिटीज के कारण होने वाली जटिलताओं की रोकथाम के लिए रोगियों तक इलाज की समय पर पहुंच सुनिश्चित करना बहुत आवश्यक है। डायबिटीज का निदान और इलाज व्यापक, सुलभ और सस्ता करके इस गंभीर बीमारी के बढ़ते जोखिमों को रोका जा सकता है।
विशेषज्ञों ने कहा, ये बीमारी अब हर उम्र के लोगों में देखी जा रही है इसलिए सभी लोगों को सावधान रहना और इससे बचाव के लिए प्रयास करते रहना जरूरी है।