भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक
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भूख हड़ताल का सेहत पर क्या असर होता है?
मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, लंबे समय तक भूख हड़ताल या लगातार भोजन न करने की स्थिति में शरीर पहले ग्लूकोज, फिर ग्लाइकोजन और उसके बाद ऊर्जा के लिए फैट तथा मांसपेशियों का इस्तेमाल करना शुरू कर देता है।
- समय बढ़ने के साथ डिहाइड्रेशन, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, लो ब्लड प्रेशर और शुगर की समस्या के साथ मांसपेशियों में कमी और कई अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होने का जोखिम भी बढ़ जाता है।
- इतना ही नहीं यदि पर्याप्त पानी, इलेक्ट्रोलाइट्स या चिकित्सकीय निगरानी न हो तो स्थिति जानलेवा भी बन सकती है।
हालांकि, भूख हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य पर पड़ने वाला प्रभाव हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता। यह व्यक्ति की उम्र, पहले से मौजूद बीमारियों, पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स के सेवन तथा मेडिकल मॉनिटरिंग जैसी कई बातों पर निर्भर करता है।