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Study: ऑफिस वर्कर ध्यान दें, यह एक आदत घटा रही है आपकी उम्र, समय से पहले बढ़ गया है मृत्यु का खतरा

Sun, 25 Jun 2023 07:25 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ऑफिस वर्कर की स्वास्थ्य समस्याएं - फोटो : istock
हाल के वर्षों में हुए कई अध्ययनों ने ऑफिस वर्कर्स की सेहत को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यदि आप भी ऑफिस जॉब करते हैं तो अपनी सेहत को लेकर सावधान हो जाने की आवश्यकता है। ज्यादातर लोगों में एक छोटी सी गलती देखी जा रही है जिसके सेहत पर कई प्रकार से गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। अध्ययनकर्ताओं ने पाया जो लोग लंबे समय तक बैठे रहने वाले काम करते हैं, उनमें कई गंभीर बीमारियों का जोखिम अन्य लोगों की तुलना में काफी अधिक देखा जा रहा है, जो समय से पहले मृत्यु के खतरे को बढ़ाने वाला हो सकता है।

जब आप बैठे होते हैं, तो कम ऊर्जा खर्च करते हैं। शोध में लंबे समय तक बैठे रहने को कई स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से जोड़ा गया है। उनमें मोटापे के साथ रक्तचाप में वृद्धि, हाई ब्लड शुगर का खतरा, कमर के आसपास अतिरिक्त चर्बी जमा होने और अस्वास्थ्यकर कोलेस्ट्रॉल का स्तर (जो मेटाबॉलिक सिंड्रोम का कारण बनता है) अधिक देखा गया है। कुल मिलाकर लंबे समय तक बैठे रहने से हृदय रोग और कैंसर से मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है।
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हार्ट अटैक का बढ़ता खतरा - फोटो : istock
हार्ट अटैक-स्ट्रोक का खतरा अधिक

जामा कार्डियोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन से पता चला है कि जो लोग दफ्तरों में लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, उनमें दिल के दौरे और स्ट्रोक सहित हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा भी अधिक होता है। चाइनीज एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज और पेकिंग यूनियन मेडिकल कॉलेज द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार, एक ही स्थान पर बैठकर दिन में आठ घंटे से अधिक काम करने वाले लोगों में दिल का दौरा या स्ट्रोक होने का खतरा 20 प्रतिशत अधिक पाया गया है। लंबे समय तक बैठे रहने से हार्ट फेलियर का खतरा लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।
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हृदय रोगों का बढ़ता खतरा और बचाव - फोटो : istock
अध्ययन में क्या पता चला?

11 वर्षों के इस अध्ययन में 21 देशों के 1.05 लाख से अधिक लोगों के रिकॉर्ड की जांच की गई। जब अध्ययन समाप्त हुआ, तब तक 6,200 से अधिक मौतें दर्ज की गईं। इसमें दिल के दौरे के 2,300, स्ट्रोक के 3,000 मामले और 700 अन्य मामले दर्ज किए गए। शोधकर्ताओं ने बताया कि लंबे समय तक बैठे रहने से रक्त का संचार बाधित हो रहा है, शारीरिक रूप से गतिविधियां कम होने से हृदय पर अतिरिक्त दबाव देखा जा रहा है। 

डॉक्टर सभी लोगों से काम के बीच में थोड़े-थोड़े देर के ब्रेक लेने की अपील करते हैं।
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ज्यादा देर तक बैठे रहने वाले में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा - फोटो : istock
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?

अध्ययन के अनुसार, जो लोग नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, उनमें दिल से संबंधित बीमारियों के होने की आशंका 17 प्रतिशत कम होती है। ऐसे में भले ही आप लॉन्ग सिटिंग जॉब करते हैं, पर दैनिक व्यायाम की आदत है, काम के दौरान थोड़े-थोड़े देर पर उठकर टहल लेते हैं, आहार स्वस्थ और धूम्रपान नहीं करते हैं तो इससे होने वाले दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

लंबे समय तक बैठने का सीधा संबंध शारीरिक निष्क्रियता से है जिसके हमारी सेहत पर कई गंभीर दुष्प्रभावों का जोखिम हो सकता है।


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स्रोत और संदर्भ
Association of Sitting Time With Mortality and Cardiovascular Events in High-Income, Middle-Income, and Low-Income Countries


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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