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High Blood Pressure: नहीं हैं बीपी का मरीज, फिर भी दिखें ये लक्षण तो तुरंत हो जाएं अलर्ट

Sun, 14 Jun 2026 09:00 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

 हाई ब्लड प्रेशर का शिकार होने वाले अधिकांश लोगों को लंबे समय तक इसका पता ही नहीं चलता। हालांकि कई मामलों में शरीर कुछ ऐसे संकेत देने लगता है जिन्हें लोग सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। 
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हाई बीपी की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
हाई ब्लड प्रेशर को अगर आप सिर्फ हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाने वाला मानते आ रहे हैं तो सावधान हो जाइए। ये समस्या दिल से लेकर ब्रेन, आंखों से लेकर तंत्रिकाओं तक सभी के लिए खतरनाक हो सकती है। डॉक्टर हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर कहते हैं क्योंकि यह बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचाती रहती है। 

पहले यह समस्या बढ़ती उम्र के लोगों में ज्यादा देखी जाती थी, लेकिन अब 0 साल से कम उम्र के बच्चों और किशोरों में भी हाई ब्लड प्रेशर के मामले बढ़ रहे हैं। ये भविष्य में हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी की बीमारियों का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती है।

यहां ये समझना जरूरी है कि हाई बीपी सिर्फ उनके लिए ही खतरनाक नहीं है जो इसका शिकार हैं और दवा ले रहे हैं। आपमें भले ही इसके लक्षण न दिख रहे हों पर ये हो सकता है कि बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर अंदर ही अंदर खतरा बढ़ाता रहे और आपको इसका अंदाजा भी न हो।
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ब्लड प्रेशर बढ़ने के संकेत - फोटो : Freepik.com
आप भी तो नहीं हैं हाई ब्लड प्रेशर का शिकार?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सबसे बड़ी चिंता की बात यही है कि हाई ब्लड प्रेशर का शिकार अधिकांश लोगों को लंबे समय तक इसका पता ही नहीं चलता। यहां शरीर के संकेतों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। 
 
  • हमारा शरीर कुछ ऐसे संकेत देता है जिन्हें लोग सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। ये संकेत हाई ब्लड प्रेशर की ओर इशारा हो सकते हैं। 
  • इसके अलावा 20 साल की उम्र के बाद नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर चेक कराते रहना चाहिए। 
  • अगर समय रहते हाई बीपी के संकेतों को पहचान लिया जाए तो गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। 
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सिरदर्द की समस्या - फोटो : Freepik.com
सुबह उठते ही होता है सिरदर्द?

सुबह के समय सिरदर्द होना कई कारणों से हो सकता है, लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। 
 
  • अध्ययनों में पाया गया है कि लंबे समय तक अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ा सकता है, जिससे सिरदर्द की शिकायत हो सकती है। 
  • हालांकि हर सिरदर्द हाई ब्लड प्रेशर की वजह से नहीं होता।
  • सिरदर्द के साथ चक्कर, कमजोरी या धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं भी हों तो ब्लड प्रेशर की जांच करानी चाहिए। 

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आंखों की रोशनी हो रही कमजोर? - फोटो : Adobe Stock Photos
पढ़ने में परेशानी या नजर तो नहीं हो रही कमजोर?

हाई ब्लड प्रेशर का आंखों पर भी असर देखा जाता रहा है।
 
  • आंखों की छोटी रक्त वाहिकाएं शरीर में होने वाले कई बदलावों का संकेत देती हैं। 
  • लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर रेटिना की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे धुंधला दिखाई देना, पढ़ने में परेशानी होने या नजर कमजोर होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 
  • अक्सर लोग इसे सामान्य आंखों की कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। 
  • अचानक नजर में बदलाव महसूस होने पर आंखों की जांच के साथ ब्लड प्रेशर की जांच भी जरूर करानी चाहिए। 
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सांस फूलने की समस्या - फोटो : Adobe Stock
थोड़ी मेहनत से ही फूलने लगती है सांस 

अगर पहले की तुलना में अब सीढ़ियां चढ़ते समय या हल्का काम करने पर भी जल्दी थकान महसूस होती है और सांस फूलने लगती है तो यह शरीर का एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। 
 
  • हाई ब्लड प्रेशर के कारण हृदय को शरीर में रक्त पहुंचाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। 
  • समय के साथ यह हृदय की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है। 
  • सांस फूलना कई अन्य बीमारियों का भी लक्षण हो सकता है, लेकिन यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। 
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हार्ट रेट बढ़ा तो नहीं रहता? - फोटो : Freepik.com
अक्सर तेज रहती है दिल की धड़कन 

कई लोग शिकायत करते हैं कि बिना किसी खास कारण के उनकी धड़कन अचानक तेज होने लगती है। 
 
  • यह स्थिति तनाव, कैफीन या अन्य कारणों से भी हो सकती है, लेकिन अक्सर बनी रहने वाली ये स्थिति  हाई ब्लड प्रेशर का संकेत हो सकती है।
  • अगर धड़कन तेज होने के साथ चक्कर आए, सीने में दर्द या कमजोरी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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