पाचन पर पड़ता है असर
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पाचन पर पड़ता है असर
आहार विशेषज्ञ अंशु चौहान कहती हैं, धुएं और उच्च ताप के संपर्क से बनाए जाने वाले खाद्य पदार्थों में पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन और हेटेरोसाइक्लिक एमाइन जैसे हानिकारक कार्बनिक यौगिकों की मात्रा अधिक होती है।
यह भोजन में पाए जाने वाले महत्वपूर्ण पोषक तत्वों, जैसे विटामिन और खनिजों को नष्ट कर देते हैं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, जैसे लिवर, गुर्दे में मेटाबॉलिक डिसऑर्डर के जोखिम को भी बढ़ावा देते हैं। ये दोनों रसायन कैंसर कारक माने जाते हैं, खासकर जब लंबे समय तक इस तरह के भोजन का सेवन किया जाए। पोषक तत्व गर्मी के प्रति संवेदनशील होते हैं और स्मोकी प्रक्रिया के दौरान भोजन से बाहर निकल जाते हैं। ऐसे में तैयार भोजन में प्रोटीन भी विकृत हो जाता है, जो उसकी संरचना को बदल सकता है। इस कारण उसे पचा पाने में कठिनाई हो सकती है।
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