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हाई कोलेस्ट्रॉल के साइड इफेक्ट्स जानकर हो जाएंगे हैरान, दिल से किडनी तक पर पड़ सकता है गंभीर असर

Fri, 05 Jun 2026 03:58 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Side Effects of High Cholesterol: जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक होती है, तो उसके लक्षण दिखने लगते हैं। यहां हम आपको बताएंगे इसके लक्षण और साइड इफेक्ट...........
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high cholesterol - फोटो : AI
Side Effects of High Cholesterol: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से बढ़ रही है। कोलेस्ट्रॉल एक वसा जैसा पदार्थ है, जो शरीर के लिए जरूरी होता है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

समस्या यह है कि हाई कोलेस्ट्रॉल को अक्सर "साइलेंट किलर" कहा जाता है, क्योंकि शुरुआती चरण में इसके स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। हालांकि जब शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) का स्तर काफी बढ़ जाता है, तो यह धमनियों में जमा होकर रक्त प्रवाह को प्रभावित करने लगता है। ऐसे में शरीर द्वारा दिए जाने वाले कुछ संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण, इसके साइड इफेक्ट्स और इससे बचाव के तरीके।
 
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हार्ट अटैक - फोटो : adobe stock images
हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण

सीने में दर्द 

धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने से रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है, जिससे सीने में दर्द या दबाव महसूस हो सकता है।

 सांस फूलना

हृदय तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंचने पर सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।

जल्दी थकान महसूस होना

सामान्य काम करने पर भी अत्यधिक थकान महसूस होना हाई कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकता है।
 
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Feet care tips - फोटो : Adobe stock
पैरों में दर्द या ऐंठन

रक्त संचार प्रभावित होने पर पैरों में दर्द, सुन्नपन या ऐंठन हो सकती है।

त्वचा पर पीले धब्बे

कुछ लोगों की आंखों या त्वचा के आसपास पीले रंग के फैटी डिपॉजिट दिखाई दे सकते हैं।

 

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पेसमेकर - फोटो : Adobe stock images
हाई कोलेस्ट्रॉल के साइड इफेक्ट्स

हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है
 
  • जब शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) की मात्रा बढ़ जाती है, तो यह धमनियों की दीवारों पर जमा होने लगता है। 
  • समय के साथ यह जमाव रक्त वाहिकाओं को संकरा और कठोर बना देता है, जिससे हृदय तक पर्याप्त मात्रा में रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती।
  • ऐसी स्थिति में हार्ट अटैक, कोरोनरी आर्टरी डिजीज और अन्य हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है।

स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है
 
  • हाई कोलेस्ट्रॉल केवल हृदय ही नहीं, बल्कि मस्तिष्क को भी प्रभावित कर सकता है।
  •  जब मस्तिष्क तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा हो जाता है, तो रक्त प्रवाह बाधित हो सकता है।
  • यदि किसी धमनी में पूरी तरह रुकावट आ जाए, तो स्ट्रोक की स्थिति पैदा हो सकती है, जो जानलेवा भी साबित हो सकती है।

 
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किडनी - फोटो : Adobe Stock
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या
 
  • धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने के कारण रक्त के प्रवाह में बाधा आती है।
  •  इससे हृदय को रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिसके कारण रक्तचाप बढ़ सकता है। 
  • लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने से हृदय, मस्तिष्क और किडनी पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है
 
  • किडनी को सही तरीके से काम करने के लिए पर्याप्त रक्त प्रवाह की जरूरत होती है। 
  • जब किडनी की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है, तो उनकी कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। 
  • इससे किडनी रोगों का खतरा बढ़ सकता है और लंबे समय तक अनियंत्रित कोलेस्ट्रॉल किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है।

 
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कोलेस्ट्रॉल - फोटो : Adobe Stock
हाई कोलेस्ट्रॉल से बचाव के उपाय
 
  • संतुलित और कम वसा वाला भोजन करें।
  • नियमित व्यायाम करें।
  • धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं।
  • वजन नियंत्रित रखें।
  •  समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराएं।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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