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समोसा-कचौड़ी के शौकीन हैं तो पढ़ लें ये खबर, रोज खाने से बढ़ सकती हैं ये परेशानियां

Mon, 31 Aug 2026 10:49 AM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Health Risk: अगर आप उन लोगों में से हैं, जिन्हें नाश्ते में समोसे और कचौड़ी ही खाना पसंद है तो ये खबर आपको अवश्य पढ़नी चाहिए। यहां हम आपको इसके नुकसान बताएंगे। 
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हर दिन समोसा-कचौड़ी खाने वालों के लिए जरूरी खबर - फोटो : AI
Health Risk: अगर आपकी सुबह की शुरुआत और शाम की चाय अक्सर गरमा-गरम समोसे, कचौड़ी या दूसरी तली हुई चीजों से होती है, तो अपनी इस आदत पर एक बार जरूर गौर करें। स्वाद में लाजवाब लगने वाला नाश्ता अगर रोज की दिनचर्या का हिस्सा बन जाए, तो शरीर को मिलने वाली कैलोरी, नमक और फैट की मात्रा बढ़ सकती है। 

खासतौर पर बाजार में मिलने वाले डीप-फ्राइड फूड में इस्तेमाल होने वाले तेल की गुणवत्ता और बार-बार गर्म किए गए तेल को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।  हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि कभी-कभार समोसा या कचौड़ी खाना अपने आप में खतरनाक है। 

असली सवाल है कि आप इन्हें कितनी बार और कितनी मात्रा में खाते हैं और आपकी पूरी डाइट कैसी है? आइए जानते हैं रोजाना तली हुई चीजें खाने से शरीर पर क्या असर पड़ सकता है और हेल्दी विकल्प क्या हो सकते हैं।

 
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हर दिन समोसा-कचौड़ी खाने वालों के लिए जरूरी खबर - फोटो : AI
रोज समोसा-कचौड़ी खाने से क्या हो सकता है?

समोसा और कचौड़ी जैसे खाद्य पदार्थ आमतौर पर डीप फ्राई किए जाते हैं। इनमें कैलोरी और फैट की मात्रा अधिक हो सकती है। अगर रोजाना शरीर की जरूरत से ज्यादा कैलोरी ली जाए और शारीरिक गतिविधि कम हो, तो धीरे-धीरे वजन बढ़ सकता है।

 
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हर दिन समोसा-कचौड़ी खाने वालों के लिए जरूरी खबर - फोटो : AI
दिल की सेहत पर असर

तली हुई चीजों का बहुत ज्यादा सेवन ऐसी डाइट का हिस्सा बन सकता है जिसमें कुल कैलोरी, फैट और नमक अधिक हो। लंबे समय तक ऐसा खान-पान कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए अच्छा नहीं माना जाता। इसलिए रोजाना तली हुई चीजों को नाश्ते का मुख्य हिस्सा बनाने से बचना बेहतर है।

 

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हर दिन समोसा-कचौड़ी खाने वालों के लिए जरूरी खबर - फोटो : AI
बार-बार गर्म किए गए तेल का खतरा

बाजार में तले जाने वाले खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले तेल की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण है। तेल को बार-बार तेज तापमान पर गर्म करने से उसमें कई ऐसे तत्व बन सकते हैं जो शरीर के लिए नुकसानदायक है। इसलिए सिर्फ समोसे की सामग्री ही नहीं, उसे किस तेल में और कैसे तैयार किया गया है, यह भी मायने रखता है।

 
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हर दिन समोसा-कचौड़ी खाने वालों के लिए जरूरी खबर - फोटो : AI
पेट और पाचन पर असर

बहुत ज्यादा तला-भुना भोजन कुछ लोगों में अपच, पेट भारी होने, एसिडिटी और ब्लॉटिंग जैसी समस्याएं बढ़ा सकता है। खासकर जिन लोगों को पहले से पाचन संबंधी परेशानी रहती है, उन्हें ऐसे भोजन की मात्रा और आवृत्ति पर ध्यान देना चाहिए।

 
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हर दिन समोसा-कचौड़ी खाने वालों के लिए जरूरी खबर - फोटो : AI
वजन और ब्लड शुगर

समोसा या कचौड़ी अकेले डायबिटीज की वजह नहीं बनते। लेकिन अगर डाइट में बार-बार ज्यादा कैलोरी और कम पोषण वाले खाद्य पदार्थ शामिल हों, तो वजन और मेटाबॉलिक हेल्थ प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि नाश्ते में रोज तली हुई चीजों की जगह संतुलित विकल्प रखना बेहतर है।

 
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हर दिन समोसा-कचौड़ी खाने वालों के लिए जरूरी खबर - फोटो : AI
कितना खाना ठीक है?

किसी एक खाद्य पदार्थ के लिए सभी लोगों पर लागू होने वाली निश्चित मात्रा बताना सही नहीं होगा। उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि और पूरी डाइट के आधार पर जरूरत अलग होती है। कभी-कभार सीमित मात्रा में खाना और रोजाना के नाश्ते के लिए पौष्टिक विकल्प चुनना बेहतर तरीका है।

 
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हर दिन समोसा-कचौड़ी खाने वालों के लिए जरूरी खबर - फोटो : AI
नाश्ते में क्या खाएं?

पोहा, उपमा, दलिया, इडली, मूंग या बेसन का चीला, अंडे, दही, फल और सब्जियों से बने विकल्पों को अपनी जरूरत के अनुसार शामिल किया जा सकता है। कोशिश करें कि नाश्ते में फाइबर और प्रोटीन भी पर्याप्त मात्रा में मिले।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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