फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आज ही बदलें ये आदत: घंटों तक पेशाब रोकना कितना खतरनाक? जानिए यूरिन कंट्रोल करने के नुकसान

Tue, 15 Sep 2026 01:59 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Side Effects of Controlling Urine: अगर आप उन लोगों में से हैं तो घंटों तक यूरिन रोककर रखते हैं तो ये खबर अवश्य पढ़ें। यहां हम आपको इसके कुछ नुकसानों के बारे में जानकारी देंगे। 
विज्ञापन
1 of 7
घंटों तक पेशाब रोकना कितना खतरनाक? - फोटो : AI
Side Effects of Controlling Urine: कई लोग काम में व्यस्त रहने, सफर करने या आसपास साफ टॉयलेट न मिलने की वजह से पेशाब करने की इच्छा को लंबे समय तक टालते रहते हैं। कभी-कभार ऐसा होना आम बात हो सकती है, लेकिन अगर यूरिन रोककर रखना आपकी रोजाना की आदत बन गई है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। 

खासतौर पर जिन लोगों को पहले से पेशाब से जुड़ी परेशानी, ब्लैडर की समस्या या यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन की शिकायत रहती है, उन्हें ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। लेकिन क्या लंबे समय तक यूरिन रोकना वाकई नुकसानदायक हो सकता है और इससे किन समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है? आइए जानते हैं।
 
विज्ञापन

2 of 7
घंटों तक पेशाब रोकना कितना खतरनाक? - फोटो : Adobe Stock
घंटों तक यूरिन रोकने से क्या नुकसान हो सकते हैं?

 पेशाब को बार-बार लंबे समय तक रोकने की आदत ब्लैडर और यूरिनरी सिस्टम के सामान्य कामकाज को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, किसी स्वस्थ व्यक्ति में कभी-कभार कुछ समय तक पेशाब रोकना आमतौर पर गंभीर समस्या नहीं माना जाता।

1. यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का खतरा

 पेशाब को लंबे समय तक रोककर रखने और ब्लैडर को नियमित रूप से खाली न करने की आदत कुछ लोगों में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी UTI के जोखिम से जुड़ सकती है। बार-बार पेशाब में जलन, दर्द, तेज बदबू या असामान्य रूप से ज्यादा बार पेशाब आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लें।

 
विज्ञापन

3 of 7
घंटों तक पेशाब रोकना कितना खतरनाक? - फोटो : AI
2. ब्लैडर पर असर

 लगातार लंबे समय तक यूरिन रोकने से ब्लैडर की मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है। लंबे समय तक ऐसा करना कुछ लोगों में ब्लैडर के सामान्य खाली होने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

 

4 of 7
घंटों तक पेशाब रोकना कितना खतरनाक? - फोटो : AI
3. पेशाब करने में परेशानी

 यूरिन को लगातार रोकने की आदत कुछ लोगों में ब्लैडर को पूरी तरह खाली करने में परेशानी से जुड़ सकती है। अगर पेशाब करने में दिक्कत हो रही है या ब्लैडर पूरी तरह खाली न होने का एहसास रहता है तो इसे नजरअंदाज न करें।

 
विज्ञापन

5 of 7
घंटों तक पेशाब रोकना कितना खतरनाक? - फोटो : AI
4. दर्द और असहजता

 ब्लैडर भरने पर पेट के निचले हिस्से में भारीपन, दबाव या असहजता महसूस हो सकती है। बहुत देर तक रोकने के बाद अचानक तेज इच्छा भी हो सकती है।

 
विज्ञापन

6 of 7
घंटों तक पेशाब रोकना कितना खतरनाक? - फोटो : AI
 कब डॉक्टर से संपर्क करें?

अगर पेशाब में खून दिखाई दे, पेशाब करते समय तेज दर्द या जलन हो, बार-बार यूरिन आने लगे या बुखार के साथ पेशाब से जुड़ी परेशानी हो तो इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसी तरह पेशाब बिल्कुल न आना, यूरिन शुरू करने में परेशानी होना, ब्लैडर पूरी तरह खाली न होने का एहसास या कमर और पीठ के निचले हिस्से में तेज दर्द होना भी डॉक्टर से सलाह लेने की वजह हो सकती है। खासकर अगर ये लक्षण लगातार बने हुए हैं या समय के साथ बढ़ रहे हैं, तो जल्द मेडिकल जांच कराना बेहतर है।

विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
घंटों तक पेशाब रोकना कितना खतरनाक? - फोटो : AI

रखें इन बातों का ध्यान

पेशाब की इच्छा को बार-बार रोकने के बजाय समय पर यूरिन पास करने की आदत डालना बेहतर है। साथ ही शरीर में पानी की कमी न होने दें और अपनी प्यास के अनुसार पर्याप्त तरल पदार्थ लेते रहें। हालांकि, कितना पानी पीना चाहिए यह हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। उम्र, मौसम, शारीरिक गतिविधि, खान-पान और किसी मौजूदा स्वास्थ्य समस्या के आधार पर पानी की जरूरत बदलती है। किडनी या हृदय से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए।


------------------------

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें